शह मात The Big Debate/ Image Source- IBC24
शह मात The Big Debate: भोपाल: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में कहा भागीरथपुर की घटना एक हादसा नहीं है, यह उस भरोसे की मौत है जो लोग सरकार और प्रशासन पर करते हैं। उन्होंने कहा, “सरकार इसे हत्या नहीं मानती, लेकिन सिस्टम के कारण हत्याएं हो रही हैं। हम मंत्री पद पर कैसे सुशोभित रह सकते हैं? अधिकारी कुर्सियों पर कैसे बने रह सकते हैं? (शह मात The Big Debate) उनके ट्रांसफर हो जाते हैं। कुछ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, जो दलित और आदिवासी थे, उनको हटा दिया गया, जबकि दूसरे वर्ग के अधिकारियों को प्रमोशन दे दिया गया। क्या यही आपकी सरकार का न्याय है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि “जो मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के करीबी थे, उन्हें उपकृत कर दिया गया।” (शह मात The Big Debate) नेता प्रतिपक्ष के आरोप कि “मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के करीबी अधिकारियों को उपकृत किया गया” पर कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी ने जो जांच कराई है, उसमें अधिकारियों ने जो रिपोर्ट दी, उसके आधार पर कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों को जाति देखकर नहीं हटाया गया। मैं फिर गंभीरता से कहना चाहता हूं कि नेता प्रतिपक्ष का बहुत बड़ा पद है, आप इस प्रकार की बात मत करिए। जो जवाबदार व्यक्ति था, उसे हटाया गया। जवाबदारी तय करते समय किसी की जाति नहीं देखी जाती। अधिकारियों ने जो नाम दिए, उनके खिलाफ भी निष्पक्षता से कार्रवाई हुई है।”
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “अधिकारियों को हटाया गया, लेकिन न नगरीय प्रशासन मंत्री ने जवाबदारी ली (शह मात The Big Debate) और न ही मुख्यमंत्री जी ने जवाबदारी ली। अगर वास्तव में जवाबदारी ले रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। आपके हिसाब से 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि मीडिया के अनुसार 35 लोगों की मौत हुई है।”
इन्हे भी पढ़ें:-