Indore Liquor Auction 2026 : ई-टेंडर प्रक्रिया से MP में शराब दुकान का आवंटन, इस जिले में जमकर बरसा पैसा, पहली बार 2100 करोड़ पार के पहुंचा राजस्व

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इंदौर में मदिरा दुकानों की ई-टेंडर प्रक्रिया से ₹2184.76 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक है।

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 04:39 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 04:39 PM IST

Indore Liquor Auction 2026 / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • ₹2184.76 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक राजस्व
  • पिछले वर्ष के मुकाबले 24.70% की बड़ी वृद्धि
  • 173 मदिरा दुकानों का 100% निष्पादन

इंदौर : Indore Excise Department मध्य प्रदेश के इंदौर जिले ने इस बार कमाई के मामले में नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कलेक्टर शिवम वर्मा की देखरेख में इंदौर आबकारी विभाग ने साल 2026-27 के लिए शराब दुकानों की नीलामी पूरी कर ली है। इस नीलामी से सरकार को कुल 2184.76 करोड़ का फायदा हुआ है, जो इंदौर के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी राशि है।

विभाग ने 82 करोड़ ज्यादा की कमाई

इस बार की नीलामी पिछले साल के मुकाबले बहुत ज्यादा सफल रही है। साल 2025-26 में 752 करोड़ की कमाई हुई थी, लेकिन इस बार इसमें 432 करोड़ लगभग 24% की भारी बढ़ोतरी हुई है। Indore Liquor Auction 2026 विभाग ने जितना लक्ष्य रखा था, उससे भी 82 करोड़ ज्यादा की कमाई हुई है।

इन इलाके में देखी गई सबसे ज्यादा बढ़त

पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन E-Tender रखा गया था ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे। जिले की सभी 173 दुकानों के ठेके सफलतापूर्वक दे दिए गए हैं। इंदौर के कुछ इलाकों में तो ठेका लेने के लिए जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। उरेवती क्षेत्र में उम्मीद से 83% ज्यादा की बोली लगी। इसी तरह MR-9 और स्कीम 54 जैसे इलाकों में भी 36% से ज्यादा की बढ़त देखी गई।

इंदौर ने किया बेहतरीन प्रदर्शन

इंदौर ने इस बार पूरे मध्य प्रदेश में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जहाँ राज्य के अन्य जिलों में अभी भी कई दुकानों के ठेके होना बाकी हैं और करोड़ों का राजस्व अटका हुआ है, वहीं इंदौर ने अपनी सभी दुकानों की नीलामी समय पर पूरी कर ली है। फ़िलहाल इंदौर राजस्व के मामले में प्रदेश का नंबर-1 जिला बना हुआ है।

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इंदौर में कितना राजस्व प्राप्त हुआ?

इंदौर में 2184.76 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है।

यह राजस्व किस प्रक्रिया से मिला?

यह राशि मदिरा दुकानों की ई-टेंडर और ई-ऑक्शन प्रक्रिया से प्राप्त हुई।

पिछले वर्ष की तुलना में कितनी वृद्धि हुई?

पिछले वर्ष की तुलना में 432.73 करोड़ (24.70%) की वृद्धि हुई है।