जबलपुर, एक सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के एक गांव में 11 अगस्त को हुई बैंक डकैती की साजिश छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की एक जेल में रची गई थी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस मामले में एक दिन पहले कथित मुख्य साजिशकर्ता और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि इन गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में 17 अगस्त से अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या छह हो गई।
जबलपुर जिले के खिटोला इलाके में हेलमेट पहने तीन युवकों ने ‘ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक’ की शाखा से कर्मचारियों की मौजूदगी में 20 मिनट के भीतर बंदूक दिखाकर लगभग 15 किलोग्राम सोना और पांच लाख रुपये लूट लिए थे।
गिरोह के दो सदस्य मोटरसाइकिल पर बाहर इंतजार कर रहे थे।
बिहार पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एक संयुक्त कार्रवाई में डकैती के मुख्य आरोपी राजेश दास (38) और उसके साथी इंद्रजीत दास (22) को रविवार को गिरफ्तार किया था तथा दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर सोमवार को जबलपुर लाया गया।
जबलपुर के पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने संवाददाताओं को बताया, “रायगढ़ जेल (छत्तीसगढ़) से जमानत पर रिहा होने के करीब 55 दिनों बाद 18 जून को राजेश दास ने खिटोला में बैंक डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।”
उन्होंने बताया कि राजेश 2011 से 2025 के बीच बिहार के सासाराम व जमुई, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैतियों में शामिल रहा है।
उपाध्याय ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने तीन किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद किए।
भाषा सं ब्रजेन्द्र शोभना जितेंद्र
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