खरगोन: Khargone News: बकरीद के अवसर पर खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित अंबाडोचर गांव में गौवंश काटने की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
Khargone News: पुलिस ने मौके से करीब 32 किलो मांस, एक छुरा, और अन्य अवशेष बरामद किए हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मध्य प्रदेश में "मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004" लागू है, जिसके तहत गाय, बैल, और बछड़े का वध करना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर सख्त सजा और जुर्माना हो सकता है।
क्या "गौवंश वध" के मामलों में गिरफ्तारी तुरंत होती है?
हाँ, यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है। जैसे कि खरगोन मामले में सात आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
"गौवंश वध" की सूचना मिलने पर आम नागरिक क्या कर सकते हैं?
यदि किसी को इस तरह की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल 100 पर सूचना दें। स्वयं कार्रवाई न करें।
क्या "गौवंश वध" बकरीद जैसे त्योहारों पर अधिक होता है?
बकरीद पर बढ़े हुए मांस की माँग के चलते कुछ जगहों पर अवैध वध की घटनाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन धार्मिक रीति-रिवाजों में गाय का वध नहीं किया जाता।
"गौवंश वध" मामले में कौन-कौन सी धाराएँ लगती हैं?
मुख्यतः मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, IPC की धारा 429 (जानवरों को नुकसान पहुँचाना), 295A (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) सहित अन्य धाराएँ लगाई जाती हैं।