मप्र : 860 ग्राम की बच्ची ने जीती जिंदगी की जंग, दो महीने बाद 1.40 किलोग्राम वजन के साथ घर लौटी
मप्र : 860 ग्राम की बच्ची ने जीती जिंदगी की जंग, दो महीने बाद 1.40 किलोग्राम वजन के साथ घर लौटी
रतलाम (मध्यप्रदेश), 30 जुलाई (भाषा) रतलाम के जिला चिकित्सालय में महज 860 ग्राम वजन के साथ गंभीर हालत में भर्ती कराई गई एक नवजात बच्ची करीब दो महीने के इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट गई है और उसका वजन बढ़कर 1.40 किलोग्राम हो चुका है। अस्पताल के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
जानकारों ने बताया कि सामान्य गर्भावधि पूरी होने के बाद जन्म लेने वाले ज्यादातर बच्चों का वजन आमतौर पर 2.50 से 3.50 किलोग्राम के बीच होता है।
रतलाम के सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया कि बच्ची का जन्म 30 मई को गर्भावस्था के 25वें सप्ताह में घर में हुआ था और जचगी के करीब आठ घंटे बाद उसे जिला चिकित्सालय की नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
सिविल सर्जन के अनुसार गर्भावस्था के 25वें सप्ताह में कम वजन के साथ जन्म लेने वाले शिशुओं में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा काफी अधिक होता है।
उन्होंने बताया, ‘‘समयपूर्व जन्म के कारण बच्ची के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे। उसे सांस लेने में भी कठिनाई हो रही थी।’’
सिंह ने बताया कि बच्ची को 15 दिनों तक सीपैप (सीपीएपी) मशीन से सांस लेने में मदद दी गई और बाद में उसे ऑक्सीजन दी जाती रही।
उन्होंने बताया, ‘‘इलाज के शुरुआती दिनों में बच्ची का वजन 860 ग्राम से घटकर 690 ग्राम रह गया था। खून की कमी होने पर उसे रक्त भी चढ़ाया गया।’’
सिविल सर्जन ने बताया कि हालत में सुधार होने पर बच्ची को करीब 15 दिन बाद नली के माध्यम से मां का दूध देना शुरू किया गया और धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाई गई।
सिंह ने बताया कि बच्ची की मां को कंगारू मदर केयर (केएमसी) के तहत बच्चे को सीने से लगाकर रखने और उसकी देखभाल का प्रशिक्षण भी दिया गया।
उन्होंने बताया,‘‘बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने और वजन बढ़ने के बाद 28 जुलाई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छुट्टी के समय उसका वजन लगभग 1.40 किलोग्राम था।’’
भाषा
हर्ष रवि कांत

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