विपक्ष के भारी हंगामे के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा से यूसीसी विधेयक पारित

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विपक्ष के भारी हंगामे के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा से यूसीसी विधेयक पारित

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 03:52 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 03:52 PM IST

भोपाल, 21 जुलाई (भाषा) विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों के भारी हंगामे के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता 2026’ विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज विधानसभा में स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है क्योंकि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद तीन तलाक या हलाला से जुड़े मामले अपराध की श्रेणी में आएंगे, एक से अधिक शादी पर रोक लगेगी, शादी और तलाक दोनों का पंजीयन अनिवार्य होगा तथा विवाहित या अविवाहित माता-पिता के जैविक या उनके द्वारा गोद लिए जाने समेत सभी प्रकार के बच्चों को उत्तराधिकार में समान कानूनी दर्जा मिलेगा।

उन्होंने कांग्रेस पर इस विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वह ऐसा कर रही है।

यादव ने कांग्रेस को आदिवासी विरोधी भी करार दिया और कहा कि इस विधेयक के दायरे से आदिवासी समाज को बाहर रखा गया है।

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन यह विधेयक पेश किया था, जिस पर आज सदन में चर्चा हुई।

चर्चा की शुरुआत में ही कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य आरिफ मसूद ने विधेयक में संशोधन पेश किया और अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में अभी समान नागरिक संहिता की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि इससे अधिक महत्वपूर्ण अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजना चाहिए।

इसके बाद सभी कांग्रेस सदस्य आसन के निकट आ गये और नारेबाजी आरंभ कर दी। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही मुख्यमंत्री के जवाब के बाद तोमर ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

इससे पहले, राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके जगदीशपुर (पूर्व में इस्लामपुर) में रविवार को आयोजित मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गयी थी।

भाषा दिमो ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार