मप्र: कांग्रेस प्रमुख खरगे मंगलवार को बुंदेलखंड के सागर में रैली को संबोधित करेंगे

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मप्र: कांग्रेस प्रमुख खरगे मंगलवार को बुंदेलखंड के सागर में रैली को संबोधित करेंगे

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  • Publish Date - August 21, 2023 / 06:43 PM IST,
    Updated On - August 21, 2023 / 06:43 PM IST

भोपाल, 21 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार को मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

मध्य प्रदेश में कुछ माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि खरगे मंगलवार दोपहर को एक बैठक को संबोधित करेंगे।

मिश्रा ने कहा, ‘वह सुबह भोपाल पहुंचेंगे और फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के साथ सड़क मार्ग से सागर जाएंगे।’

कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि खरगे 13 अगस्त को सागर में एक रैली को संबोधित करने वाले थे, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया।

संयोग से, 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुसूचित जाति के लिए पूजनीय संत रविदास के 100 करोड़ रुपये के स्मारक-मंदिर की आधारशिला रखी थी और सागर में एक जनसभा को संबोधित किया था।

बुंदेलखंड में सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह और पन्ना जिले शामिल हैं, जिनमें 26 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 15 पिछले राज्य चुनावों में भाजपा ने जीती थीं, जबकि कांग्रेस को नौ और सपा व बसपा को एक-एक सीट मिली थी।

सागर जिले में, भाजपा ने आठ में से छह सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल दो सीटों पर जीत मिली।

2011 की जनगणना के मुताबिक मध्य प्रदेश में दलितों की आबादी 1.13 करोड़ थी।

2018 के चुनावों में भाजपा ने मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 35 सीटों में से 18 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं, जो 2013 के चुनाव की तुलना में 13 अधिक थीं।

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने दलित वोटों के मद्देनजर सतना के मैहर शहर में संत रविदास का एक मंदिर बनवाया। यह विंध क्षेत्र का हिस्सा है जो उत्तर प्रदेश के साथ सीमा साझा करता है।

2004 से 2014 तक केंद्र में शासन करने वाली कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील (संप्रग) सरकार ने बुंदेलखंड के लिए 8,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी।

2018 के चुनावों में, कांग्रेस ने 230 सदस्यीय सदन में 114 सीटें जीतने के बाद कमलनाथ के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाई। महज 109 सीटें जीतने के बाद भाजपा ने सत्ता खो दी। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति वफादार विधायकों के विद्रोह के कारण मार्च 2020 में कमलनाथ सरकार गिर गई और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा वापस सत्ता में आ गई।

भाषा दिमो जोहेब

जोहेब