मप्र: ओबीसी संगठन ने विधानसभा तक पैदल मार्च की कोशिश की, पानी की बौछारें छोड़ी गईं

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मप्र: ओबीसी संगठन ने विधानसभा तक पैदल मार्च की कोशिश की, पानी की बौछारें छोड़ी गईं

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 01:04 AM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 01:04 AM IST

(तस्वीरों के साथ)

भोपाल, 20 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महासभा के कार्यकर्ताओं ने पूर्ण रूप से 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर विधानसभा तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया और अवरोधक पार करने की कोशिश करने पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए, जिसके बाद उन्हें हटाने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी गईं।

ओबीसी महासभा ने पूर्ण 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण तत्काल लागू करने, फिलहाल लंबित 13 प्रतिशत आरक्षण पर लगी रोक हटाने, लंबित भर्ती प्रक्रियाएं पूरी करने और समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार पर समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहिए।’’

ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर समिति के सदस्य लोकेन्द्र गुर्जर ने विधानसभा मार्च को समुदाय के स्वाभिमान, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई का ‘‘ऐतिहासिक अध्याय’’ बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समुदाय की मांगों पर ध्यान देने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन का जवाब पानी की बौछारें छोड़कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि, यह वृद्धि कानूनी विवाद के कारण अब भी लागू नहीं हो सकी है।

गुर्जर ने आरोप लगाया, ‘‘सरकारी नौकरियों के विज्ञापनों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख होता है, लेकिन वास्तविक रूप से केवल 14 प्रतिशत के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं। शेष 13 प्रतिशत आरक्षण के तहत चयनित अभ्यर्थियों के नाम लंबित रखे गए हैं।’’

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने और नियुक्तियों पर 13 प्रतिशत की रोक हटाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो महासभा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय तक ‘न्याय मार्च’ निकालेगी।

गुर्जर ने कहा, ‘‘आरक्षण का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। हम अदालत से शीघ्र सुनवाई कर पूर्ण 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कराने का अनुरोध करेंगे।’’

भाषा दिमो धीरज

धीरज