MP Crime News. image: IBC24 File
नरसिंहपुर। MP Crime News रिश्तों के उलझे जाल और कथित प्रेम प्रसंग ने एक परिवार को खून से रंग दिया। नरसिंहपुर जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चोरवरहटा जाने वाले रास्ते पर 15 अगस्त को मिले युवक के शव के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, साली से कथित प्रेम संबंध के चलते उसके पति को रास्ते से हटाने के लिए आरोपी वीरेन्द्र ने एक नाबालिग किशोर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। चाकू से वार कर साढ़ू की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने वीरेन्द्र को गिरफ्तार किया है, जबकि नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है।
MP Crime News पुलिस के अनुसार, मृतक सुशील उर्फ राजा की पत्नी किरन जाटव के उसके जीजा वीरेन्द्र के साथ कथित प्रेम संबंध थे। करीब सात महीने पहले महिला अपने पति को छोड़कर वीरेन्द्र के साथ चली गई थी। बाद में बच्चों की वजह से वह वापस अपने पति सुशील के पास लौट आई। आरोप है कि महिला का पति के पास वापस लौटना वीरेन्द्र को नागवार गुजरा और वह इससे नाराज था। पुलिस का दावा है कि इसी नाराजगी में वीरेन्द्र ने सुशील को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसमें उसने एक नाबालिग किशोर को भी अपने साथ शामिल किया।
15 अगस्त को डोंगरगांव थाना क्षेत्र में ग्राम चोरवरहटा जाने वाले रास्ते पर एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली थी। मृतक के पेट पर चाकू के गहरे वार के निशान मिले थे। शुरुआती तौर पर पुलिस के सामने यह मामला अंधे कत्ल का था। न कोई प्रत्यक्षदर्शी था और न ही हत्या की वजह का स्पष्ट सुराग। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तीन टीमों का गठन किया गया। इसमें साइबर टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल की बारीकी से जांच करते हुए फिंगर प्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वाड की मदद लेने के साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए जांच को आगे बढ़ाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पारिवारिक संबंधों और महिला से जुड़े कथित प्रेम प्रसंग के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद संदेह की दिशा वीरेन्द्र की ओर गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या की साजिश से जुड़े अहम सुराग मिले और वीरेन्द्र को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान वीरेन्द्र ने हत्या की वारदात स्वीकार की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, वारदात में कथित रूप से शामिल नाबालिग किशोर को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस की तीन टीमों की जांच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से महज 24 घंटे में इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली गई। पुलिस अब मामले में हत्या की साजिश, वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया हत्या के पीछे महिला और वीरेन्द्र के कथित प्रेम संबंध तथा महिला के अपने पति के पास वापस लौटने से उपजा विवाद सामने आया है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
इन्हें भी पढ़ें:-