Mansa Devi Temple | Photo Credit: AI
हरिद्वार: Mansa Devi Temple अयोध्या में चंदा चोरी को लेकर आए दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। आज इस मामले को लेकर करीब तीन घंटे तक बैठक की गई। जिसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी हो गई है। इस मामले को देखते हुए अब उत्तराखंड के हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने सभी पुजारी को बिना जेब वाले कुर्ते पहनकर सेवा करने का ऐलान किया है। ताकि आगे होने वाले चढ़ावे की राशि को अपनी जेब में न रख सके। साथ ही मंदिर में आने वाले चढ़ावे साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति भी गठित की है।
Mansa Devi Temple इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को दान की रसीद देने का भी ऐलान किया है। साथ ही प्रतिदिन चढ़ावे और दान का हिसाब होगा। साथ ही, चेतावनी दी गई कि चढ़ावे या दानराशि में किसी भी प्रकार की हेराफेरी करने वाला व्यक्ति सेवा से निष्कासित होने के साथ उसके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज ने सोमवार को मंदिर परिसर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया है।
रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में देश के बड़े-बड़े सनातन मंदिरों और मठों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर मंदिरों को लेकर भ्रामक वीडियो और आरोप फैलाए जाते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि किसी भी तरह की आशंका या विवाद की गुंजाइश खत्म करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।
श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी ने कहा कि देश के विभिन्न मंदिरों में चढ़ावे से जुड़े विवाद सामने आने के बाद यह आवश्यक हो गया था कि मनसा देवी मंदिर में ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाए।