नीमच: Neemuch Communal Clash: खेत की मेड़ पर मिट्टी हटाने को लेकर खूनी संघर्ष दोनों पक्षो के 24 लोग घायल, 8 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया। जिले के मनासा थाना क्षेत्र के गांव पिपलोन में सोमवार देर शाम खेत की मेड़ से मिट्टी हटाने की बात पर दो समाजों के परिवारों में विवाद हो गया।
Neemuch Communal Clash: विवाद बढ़ता गया और देर रात धनगर-गायरी और मीणा-रावत समाज के बीच कहासुनी के बाद मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों से कुल 24 लोग घायल हुए। इनमें से 10 को गंभीर हालत में नीमच जिला अस्पताल रेफर किया गया। 2 घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Neemuch Communal Clash: पिपलोन में केसरलाल रावत-मीणा अपने खेत में मिट्टी डाल रहे थे। कुछ मिट्टी मेड़ पर गिर गई। इस पर पास में ही खेत वाले प्रकाश धनगर-गायरी के परिवार ने मिट्टी हटाने को कहा। इसी बात पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लोग जुट गए। लाठियां चलने लगीं।
Neemuch Communal Clash: संघर्ष में घायल हुए कई लोगों का इलाज मनासा में चल रहा है। गंभीर रूप से घायल संजय पिता गणेशाराम (28), करणसिंह पिता रघुनाथ (27), गोपाल पिता गणेशराम (30), प्रभुलाल पिता ओंकारलाल (40), देवीलाल पिता ओंकारलाल (40), विनोद पिता अमरलाल (28), मधु पति करणसिंह (38) और अमरलाल रावत (55) का इलाज जिला अस्पताल नीमच में जारी है। मनासा टीआई शिव रघुवंशी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर बलवे की धाराओं में क्रॉस केस दर्ज किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है।
नीमच जिले के पिपलोन गांव में खेत की मेड़ को लेकर हुए खूनी संघर्ष में कुल 24 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
खेत की "मेड़ विवाद" की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब केसरलाल रावत-मीणा अपने खेत में मिट्टी डाल रहे थे और कुछ मिट्टी प्रकाश धनगर-गायरी के खेत की मेड़ पर गिर गई। इस पर कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हुआ।
"गंभीर घायलों" को कहां भर्ती कराया गया है?
गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को नीमच जिला अस्पताल और कुछ को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
क्या "क्रॉस केस" दर्ज किया गया है इस मामले में?
जी हां, मनासा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर बलवे की धाराओं में क्रॉस केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
क्या यह "सामुदायिक संघर्ष" था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह विवाद दो समुदायों - धनगर-गायरी और मीणा-रावत समाज के बीच हुआ, जो बाद में खूनी संघर्ष में बदल गया।