Rojgar Sahayak Regularization: रोजगार सहायक अब कहलाएंगे सरकारी कर्मचारी? नियमितीकरण पर हाईकोर्ट ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, कहा- .. नहीं तो हम लेंगे एकपक्षीय फैसला

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रोजगार सहायक अब कहलाएंगे सरकारी कर्मचारी? नियमितीकरण पर हाईकोर्ट ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, Rojgar Sahayak Regularization Latest Update

  • Reported By: Vijendra Pandey

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 04:27 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 04:31 PM IST

Rojgar Sahayak Regularization. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए अंतिम मौका दिया
  • जवाब नहीं देने पर कोर्ट दे सकता है एकपक्षीय फैसला
  • 25 हजार ग्राम रोजगार सहायकों का नियमितीकरण मुद्दा गरमाया

जबलपुरः Rojgar Sahayak Regularization मध्यप्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) के नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक सरकार अपनी ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं करती है, तो न्यायालय एकपक्षीय फैसला लेने के लिए बाध्य होगा।

Rojgar Sahayak Regularization मिली जानकारी के अनुसार यह मामला पिछले करीब दो वर्षों से हाईकोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा अब तक कई सुनवाईयों में अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की है और सरकार को अंतिम अवसर देते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

25 हजार रोजगार सहायकों ने लगाई है याचिका

गौरतलब है कि प्रदेश के लगभग 25 हजार ग्राम रोजगार सहायकों ने याचिकाएं दायर कर अन्य राज्यों की तर्ज पर नियमितीकरण की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से कार्यरत हैं, इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। अब सभी की निगाहें 27 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोर्ट का रुख स्पष्ट हो सकता है।

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ग्राम रोजगार सहायकों का मामला क्या है?

ग्राम रोजगार सहायक (GRS) अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं, जहां उनकी याचिकाएं पिछले 2 वर्षों से लंबित हैं।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से क्या कहा है?

हाईकोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है, अन्यथा एकपक्षीय फैसला लिया जा सकता है।

अगली सुनवाई कब होगी?

मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

कितने ग्राम रोजगार सहायकों ने याचिका दायर की है?

प्रदेश के लगभग 25 हजार ग्राम रोजगार सहायकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर याचिकाएं दायर की हैं।

ग्राम रोजगार सहायकों की मुख्य मांग क्या है?

उनकी मुख्य मांग है कि अन्य राज्यों की तरह उन्हें भी स्थायी कर्मचारी (नियमित) का दर्जा दिया जाए।