Rojgar Sahayak Regularization. Image Source- IBC24
जबलपुरः Rojgar Sahayak Regularization मध्यप्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) के नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक सरकार अपनी ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं करती है, तो न्यायालय एकपक्षीय फैसला लेने के लिए बाध्य होगा।
Rojgar Sahayak Regularization मिली जानकारी के अनुसार यह मामला पिछले करीब दो वर्षों से हाईकोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा अब तक कई सुनवाईयों में अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की है और सरकार को अंतिम अवसर देते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश के लगभग 25 हजार ग्राम रोजगार सहायकों ने याचिकाएं दायर कर अन्य राज्यों की तर्ज पर नियमितीकरण की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से कार्यरत हैं, इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। अब सभी की निगाहें 27 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोर्ट का रुख स्पष्ट हो सकता है।