Reported By: Pushpendra Kushwaha
,Maihar Malnutrition Case / Image Source : IBC24
मैहर: Maihar Malnutrition Case : मध्य प्रदेश के मैहर जिले से कुपोषण की एक बेहद चिंताजनक और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। 5 वर्षीय मासूम पवन सिंह की हालत ऐसी है कि उसके शरीर पर हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं और दिन-ब-दिन उसका शरीर सूखता जा रहा है। लगातार बीमारी, अत्यधिक कमजोरी और सूखा रोग जैसे लक्षणों से पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, पवन सिंह पिता रमेश सिंह जिसकी उम्र 5 वर्ष, मूल रूप से कटनी जिले की बरही तहसील के खतौली बंजारिया गांव का निवासी है। बच्चे को उसकी मामी संजू सिंह और मां उषा सिंह इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल लेकर पहुंची हैं। बच्चे की मामी संजू सिंह ने बताया कि पवन का स्वास्थ्य लंबे समय से खराब चल रहा है। परिजन लगातार दवाइयां और इलाज करवा रहे थे, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे मैहर अस्पताल लाया गया।
परिजनों के अनुसार बच्चे का शरीर लगातार सूखता जा रहा है। उसका शरीर टेढ़ा हो गया है, हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं और उसे गले तथा कंधे में दर्द की शिकायत रहती है। उसका शारीरिक विकास भी सामान्य बच्चों की तुलना में बेहद कमजोर है। जब परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते ही तत्काल भर्ती करने की सलाह दी।
चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में कुपोषण जैसे लक्षण होने की आशंका जताई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।बताया गया कि कई जगह इलाज कराने के बावजूद बच्चे के स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। समय पर उचित उपचार और पोषण सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और कुपोषण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर तीन वर्षों तक बच्चा लगातार बीमारी और कुपोषण से जूझता रहा, लेकिन उसे समय रहते पर्याप्त उपचार और पोषण सहायता क्यों नहीं मिल सकी। मैहर जिले में सामने आए इस मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारों का मानना है कि यदि आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पोषण योजनाओं की नियमित निगरानी प्रभावी होती, तो शायद बच्चे की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। सतना जिले के अंचल में पहले भी बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चों के मामले सामने आ चुके हैं, वहीं मैहर में यह पहला मामला बताया जा रहा है जो कटनी जिले से सामने आया है। फिलहाल पवन सिंह का इलाज मैहर सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। यह मामला न सिर्फ कुपोषण की भयावह स्थिति को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।