नागपुर, एक मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के नागपुर जिले में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले एक कारखाने में रविवार सुबह हुए शक्तिशाली धमाके में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गयी और 24 अन्य घायल हो गए।
यह विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव में खनन और औद्योगिक विस्फोटक निर्माता कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में सुबह करीब 7:15 बजे हुआ।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, दिन में बाद में इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि 24 घायल श्रमिकों का नागपुर के दो अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि शव बुरी तरह जल चुके थे और उनकी पहचान करना असंभव था। मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए परिवार के सदस्यों के नमूने डीएनए परीक्षण के लिए लिए जा रहे हैं।
पीड़ितों के शोक संतप्त परिवार के सदस्य अपने प्रियजनों के बारे में जानने की उम्मीद में जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित कारखाने परिसर में उमड़ पड़े।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विस्फोट के कारणों की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
फडणवीस ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) और सुरक्षा के लिए रक्षा सूचना प्रणाली (डीआईएसएस) के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर मौजूद थीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया।
मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, ‘महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक कारखाने में हुए विस्फोट में हुई जानमाल की हानि की खबर से मैं अत्यंत दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक कारखाने में हुआ विस्फोट बेहद दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।’
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये प्रति व्यक्ति की सहायता प्रदान करेगी, जबकि संबंधित कंपनी प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देगी।
एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह घटना कंपनी की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में सुबह करीब सवा सात बजे हुई।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘यह घटना कारखाने के पैकिंग क्षेत्र में घटी, जहां उस समय कोई सक्रिय विनिर्माण कार्य नहीं चल रहा था। घटना के सटीक कारण की जांच अभी जारी है और हम संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।’’
इसमें कहा गया है कि एक आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी गई है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित सुधारात्मक और निवारक उपाय लागू किए जाएंगे।
कंपनी ने कहा कि पीड़ित कर्मचारियों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है। कंपनी ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से घायलों को तत्काल वित्तीय सहायता दी जा रही है और उनके चिकित्सा उपचार का पूरा खर्च वहन किया जा रहा है।
उसने कहा कि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और स्थिति नियंत्रण में थी।
कंपनी ने कहा, ‘‘नागपुर जिले के कटोल स्थित हमारी इकाई में हुई घटना से हम बेहद दुखी हैं और जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति हम अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’
उसने कहा, ‘‘हम सुरक्षा और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। सत्यापित जानकारी उपलब्ध होने पर आपके साथ साझा की जाएगी।’’
एक अस्पताल की चिकित्सा स्थिति रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल में भर्ती सभी 18 मरीज आईसीयू में गंभीर हालत में हैं। अस्पताल ने कहा, ‘उन्हें तत्काल शल्य चिकित्सा के साथ गहन देखभाल और प्रबंधन की आवश्यकता है।’
विस्फोट के कारण अधिकांश रोगी 30 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक गंभीर रूप से जले हुए हैं, साथ ही छर्रे लगने से भी चोटें आई हैं।
नागपुर के ऑरेंज सिटी अस्पताल और अनुसंधान संस्थान (ओसीएचआरआई) के अनुसार, ‘कुछ मरीजों को सुनने की क्षमता में कमी/बहरापन हो गया है और अन्य को विभिन्न प्रकार के घाव और हड्डियों में फ्रैक्चर हैं।’
भाषा
शुभम नरेश
नरेश