एआईएमआईएम की पार्षद सहर शेख के पिता ने जाति प्रमाणपत्रों के असली होने का किया दावा

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एआईएमआईएम की पार्षद सहर शेख के पिता ने जाति प्रमाणपत्रों के असली होने का किया दावा

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 09:53 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 09:53 PM IST

ठाणे, 20 अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की पार्षद सहर शेख के पिता यूनुस शेख ने सोमवार को दावा किया कि उनके जाति प्रमाणपत्र असली हैं।

ठाणे के तहसीलदार ने यूनुस द्वारा ‘‘फर्जी’’ जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किये जाने को लेकर उनके खिलाफ एक आपराधिक मामले की अनुशंसा की है।

ठाणे तहसीलदार कार्यालय ने हाल में मुंब्रा पार्षद सहर शेख के पिता यूनुस शेख के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने और उसके आधार पर अपनी बेटी के लिए जाति (ओबीसी) प्रमाणपत्र हासिल करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने की अनुशंसा की है।

यह अनुशंसा तहसीलदार उमेश पाटिल द्वारा राकांपा प्रत्याशी सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद की शिकायत की जांच के बाद की गई।

अहमद ने ठाणे महानगरपालिका चुनावों के बाद, सहर के जाति प्रमाण पत्र की वैधता को चुनौती दी थी। जनवरी में हुए नगर निकाय चुनावों में अहमद को ठाणे के मुंब्रा में सहर से शिकस्त मिली थी।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पिता-पुत्री ने आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई रिपोर्ट ‘‘एकतरफा’’ थी और उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मामले पर प्रतिक्रिया के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।

यूनुस ने दावा किया कि सहर शेख और उनके भाई-बहनों ने अपने पिता के दस्तावेजों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र हासिल किए थे। अपने दावे को और पुख्ता करने के लिए, परिवार ने उत्तर प्रदेश से अपने एक चाचा का जाति प्रमाण पत्र भी पेश किया, जिस बारे में उन्होंने कहा कि इसे ठाणे कलेक्टर कार्यालय द्वारा सत्यापित किया गया है।

सहर शेख ने सोशल मीडिया पर ‘‘दुष्प्रचार और ट्रोलिंग’’ के प्रभाव को उजागर करते हुए आगाह किया कि इस तरह के अभियान अप्रिय घटनाओं की वजह बन सकते हैं और इन पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।

इस बीच, सहर शेख ने मीडिया से कहा कि वह हिंदी में बोलने में सहज हैं और अगर वह मराठी में बोलेंगी, तो कोई ऐसी गलती हो सकती है, जिससे विवाद खड़ा हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय मुसलमान हैं और रहेंगे और अपने देश से प्यार करते हैं।’’

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप