मुंबई, सात अप्रैल (भाषा) यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु एवं ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कहा कि आरोपी ने ‘दिव्य शक्ति’ होने का दावा करके महिलाओं का यौन शोषण किया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, खरात ने महिलाओं को भयभीत किया कि अगर वे उसकी बात नहीं मानेंगी तो उसकी ‘दैवीय शक्तियों’ के प्रभाव से उनके (महिलाओं के) परिवार के सदस्यों की मौत हो जाएगी या उन्हें वह बदनाम कर देगा।
जांच के मुताबिक, खरात महिलाओं को अपने प्रभाव में लेने के लिए ‘अनुष्ठान’ का सहारा लेता था और डराने-धमकाने तथा ‘दिव्य आह्वान’ के लिए पत्थर और इमली के बीज जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करता था।
खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उसके खिलाफ अहिल्या नगर और नासिक शहर में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ यौन उत्पीड़न से जुड़े हैं। एसआईटी की प्रमुख एवं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी तेजस्वी सतपुते ने मंगलवार को बताया कि उनकी टीम ने अब तक 30 गवाहों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं।
सतपुते ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने पीड़ितों और उनके परिवारों की आस्था का फायदा उठाया। पीड़ित परिवार के सदस्यों में मृत्यु का भय पैदा करके और पत्थर, इमली के बीज जैसी चीजों का इस्तेमाल करके तथा अनुष्ठान करके उसने उनसे पैसे वसूले।’’
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खरात और उसकी संपत्तियों से कथित तौर पर जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
सतपुते ने कहा कि एसआईटी ने खरात के खिलाफ मामलों की जांच के लिए 24-सदस्यीय विशेष दल का गठन किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘एसआईटी की साइबर टीम ने पीड़ितों के आपत्तिजनक वीडियो से संबंधित 4,650 लिंक हटा दिए हैं, जिन्हें विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर अपलोड किया गया था। सोशल मीडिया पर बार-बार आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले 451 खातों को स्थायी रूप से हटा दिया गया है।’’
सतपुते ने बताया कि पुलिस ने आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के संबंध में दो मामले दर्ज किए और छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया, ‘‘खरात के खिलाफ अहिल्या नगर और नासिक शहर में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से आठ मामले महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं, और एसआईटी वित्तीय धोखाधड़ी के एक अन्य मामले की भी जांच कर रही है।’’
खरात के काम करने के तौर-तरीके के बारे में सतपुते ने बताया कि वह दिव्य शक्तियों का दावा करके महिलाओं का यौन शोषण करता था और यदि वे उसकी बात नहीं मानती थीं तो उन्हें मौत की धमकी देता था या उनके परिवार के सदस्यों को बदनाम करने की धमकी देता था।
उन्होंने कहा, ‘‘खरात ने दैवीय शक्तियों के होने का ढोंग रचकर समाज में अंधविश्वास फैलाया।’’
सतपुते ने जांच के वित्तीय पहलुओं से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि ईडी उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर रही है।
भाषा धीरज सुरेश
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