बारामती विधानसभा उपचुनाव: पार्थ ने निर्विरोध निर्वाचन के वास्ते किसी से बात करने से किया इनकार

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बारामती विधानसभा उपचुनाव: पार्थ ने निर्विरोध निर्वाचन के वास्ते किसी से बात करने से किया इनकार

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 04:44 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 04:44 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

पुणे, छह अप्रैल (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पार्थ पवार ने सोमवार को कहा कि बारामती विधानसभा उपचुनाव लड़ रहीं उनकी मां और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचन के संबंध में वह किसी से बात नहीं करेंगे ।

उन्होंने यह भी कहा कि इस उपचुनाव में अपना प्रत्याशी खड़ा करने वाली कांग्रेस को ‘नुकसान’ उठाना पड़ेगा।

सत्तारूढ़ महायुति ने अजित पवार के प्रति सम्मान के तौर पर निर्विरोध चुनाव कराने की मांग की थी। अजित पवार की 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी । उनकी मौत के कारण यह उपचुनाव कराया जा रहा है।

विपक्षी महा विकास आघाडी के घटकों– राकांपा (एसपी) और शिवसेना (उबाठा) ने बारामती विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने आकाश मोरे को अपना प्रत्याशी घोषित करके चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

पार्थ पवार ने कहा, ‘‘मैंने कांग्रेस में किसी से बात नहीं की है। उन्हें समझना चाहिए। (कांग्रेस में) सभी को पता है कि क्या हो रहा है, इसलिए उन्हें फैसला करने दीजिए, लेकिन उन्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि राज्य में उन्हें किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। हालात और अजित दादा के प्रति लोगों के प्यार को जानते हुए भी वे (कांग्रेस के नेता) ऐसा कर रहे हैं (अपना उम्मीदवार खड़ा कर रहे हैं)।’’

उन्होंने एक मराठी समाचार चैनल से कहा, ‘‘हम किसी को कोई फोन कॉल नहीं करने जा रहे हैं। किस्मत में जो लिखा होगा, वही होगा। लेकिन मुझे दुख है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस का पतन हो रहा है।’’

इससे पहले सुनेत्रा पवार ने 23 अप्रैल को बारामती विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।

इस बीच, राकांपा नेता और रायगढ़ के लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।

तटकरे ने कहा,‘‘प्रफुल पटेल और मैं निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। हम खरगे जी से आग्रह करेंगे और उन्हें राज्य में अजित दादा का रुतबा और इस चुनाव की पृष्ठभूमि समझाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल से भी बात करने की कोशिश करेगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पटेल ने पत्रकारों से कहा कि राज्य में यह परंपरा रही है कि जब भी किसी विधायक की इस तरह मृत्यु होती है, तो उसके बाद उपचुनाव ज्यादातर निर्विरोध ही होते हैं।

पटेल ने कहा,‘‘हम कांग्रेस से अपील करेंगे कि वह इस उपचुनाव को निर्विरोध कराने में मदद करे। वे पहले से ही खरगे जी से बात करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है। वोटों की गिनती चार मई को होगी।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव