मुंबई, चार मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) विधायक रोहित पवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे के संबंध में कोई वीएसआर वेंचर्स को बचाने की कोशिश कर रहा है।
पवार ने दावा किया कि वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक जांच ने उनके द्वारा पहले उठाए गए संदेहों को सही साबित कर दिया है।
उन्होंने वीएसआर कंपनी पर अतीत में कई गंभीर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया।
वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित लीयरजेट45 विमान 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
वीएसआर वेंचर के लीयरजेट विमान दुर्घटना पर अपनी 22-पृष्ठ की प्रारंभिक रिपोर्ट में, एएआईबी ने कहा कि दुर्घटना के समय दृश्यता निर्धारित स्तर से कम थी। इसमें रनवे पर बने निशानों के धुंधले पड़ने और रनवे की सतह पर बजरी मौजूद होने की बात भी उठाई गई।
पवार ने कहा, ‘मैं वीएसआर या नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के खिलाफ नहीं हूं। अजित दादा वीएसआर के विमान में यात्रा कर रहे थे। जब तक हम हर पहलू की गहराई से जांच नहीं करेंगे, तब तक सच्चाई का पता नहीं चलेगा, लेकिन कोई इस कंपनी को बचाने की कोशिश कर रहा है। हमने जो संदेह उठाए थे, वे जांच रिपोर्ट में सही साबित हुए हैं।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि एएआईबी की रिपोर्ट में कई विसंगतियां हैं, जिनमें बारामती को एक जिले के रूप में उल्लेख करना भी शामिल है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि जांच को कितनी गंभीरता से लिया गया था।
रोहित पवार बारामती विमान दुर्घटना से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए नियमित रूप से प्रेस वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने रिपोर्ट के इस निष्कर्ष का भी खंडन किया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले पेड़ों से टकराया था।
उन्होंने कहा, ‘रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान पेड़ों से टकराया और फिर गिर गया, लेकिन उस जगह पर कोई पेड़ नहीं हैं। वहां सिर्फ एक छोटी सी झाड़ी है, जिसे विमान छू भी नहीं पाया। रिपोर्ट में पेड़ों से टकराने की बात गलत है।’
पवार ने आरोप लगाया कि वीएसआर वेंचर्स ने कई मौकों पर गैर-जिम्मेदारी का प्रदर्शन किया है, जिसमें 20 जनवरी, 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दावोस यात्रा से जुड़ी एक घटना का हवाला दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि शिंदे को ले जा रहे विमान ने बिना अनुमति के ईरानी और इराकी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था, जिसके बाद कथित तौर पर दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने कार्रवाई की चेतावनी दी, जिससे विमान को बहरीन से ज्यूरिख जाने वाले मार्ग में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पवार ने कहा, ‘‘वीएसआर ने इस तरह की कई गंभीर चूक की हैं।’’
पवार ने वीएसआर वेंचर्स के निवेशकों और अधिकारियों के बारे में विवरण मांगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि वे कौन हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच दो दिनों के भीतर अपने हाथ में ले ली थी, जबकि बारामती विमान दुर्घटना के बाद एक महीना बीत चुका है और इस संबंध में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पवार ने आरोप लगाया कि वीएसआर के मालिक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के रिश्तेदार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली में पंजीकृत होने के बावजूद कंपनी ने हैदराबाद के पॉश इलाके जुबली हिल्स में बाजार कीमत से कथित तौर पर 17 करोड़ रुपये अधिक दर पर इतनी बड़ी रकम का निवेश क्यों किया।
भाषा
नोमान सुरेश
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