मुंबई, छह जनवरी (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने ‘ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड’ (बीईसीआईएल) से जुड़े 50 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में मंगलवार को ‘द ग्रीन बिलियन्स लिमिटेड’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रतीक कनकिया को नौ जनवरी तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।
निदेशालय ने अदालत से कहा कि कनकिया ‘मुख्य षड्यंत्रकारी’ और अपराध से प्राप्त धन का प्राथमिक लाभार्थी है तथा बीईसीआईएल से प्राप्त ऋण राशि के अंतिम उपयोग का पता लगाने के लिए हिरासत में लेकर उससे पूछताछ जरूरी है।
ईडी का यह धनशोधन मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सितंबर 2024 में दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है।
सीबीआई ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सतर्कता प्रशासन की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। बीईसीआईएल इसी मंत्रालय के तहत काम करती है।
ईडी द्वारा कनकिया की रिमांड प्राप्त करने से पहले वह सीबीआई की जांच वाले मामले में न्यायिक हिरासत में था।
धनशोधन मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के बाद, ईडी ने कनकिया को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित मामलों के विशेष न्यायाधीश आर बी रोटे के समक्ष पेश किया।
ईडी के अनुसार, ‘द ग्रीन बिलियन्स लिमिटेड’ के सीईओ और संस्थापक कनकिया ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बीईसीआईएल से 50 करोड़ रुपये का अल्पकालिक उद्यम ऋण प्राप्त किया था।
ईडी का आरोप है कि यह ऋण पुणे नगर निगम की अपशिष्ट-से-ऊर्जा रूपांतरण परियोजना के लिए था, लेकिन कनकिया ने धनराशि का दुरुपयोग अपने निजी इस्तेमाल के लिए किया।
उसने कहा कि ऋण राशि का एक बड़ा हिस्सा उसकी आलीशान जीवनशैली पर खर्च किया गया, जिसमें लग्ज़री वाहन और मुंबई तथा दिल्ली में महंगे मकान शामिल हैं।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप