ठाणे, 12 मई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 42 वर्षीय एक व्यक्ति को 47.78 लाख रुपये का मुआवजा दिये जाने का आदेश दिया है जो राजमार्ग पर तेज रफ्तार टेम्पो की चपेट में आने से अपना एक पैर गंवा बैठा था।
एमएसीटी सदस्य आर वी मोहिते ने सोमवार को टेम्पो मालिक सोमनाथ सुरेश गोले को दुर्घटना के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया और उसे याचिकाकर्ता को याचिका की तारीख से नौ प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याजदर के साथ मुआवजा देने का निर्देश दिया।
मामले के विवरण के अनुसार मीरा रोडा के परेश बाबूराव नाइक एक अक्टूबर, 2020 को मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ऑटो रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी। फलस्वरूप नाइक गिर गए और एक टेम्पो उनके पैर के ऊपर से गुजर गया।
नाइक की कई सर्जरी हुईं, परिणामस्वरूप उनके दाहिने पैर को घुटने के नीचे से काटना पड़ा।
न्यायाधिकरण ने कहा कि दुर्घटना में लगी चोटों के कारण याचिकाकर्ता शतप्रतिशत कार्यात्मक विकलांगता के शिकार हो गये।
उसने माना कि विकलांगता प्रमाण पत्र में 50 प्रतिशत स्थायी विकलांगता बताए जाने के बावजूद, इसका व्यावहारिक प्रभाव ड्राइवर के रूप में जीविका कमाने वाले दावेदार के लिए कहीं अधिक था।
टेम्पो मालिक समन भेजे जाने के बावजूद न्यायाधिकरण के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और उसके विरुद्ध कार्यवाही एकतरफा रूप से की गई।
न्यायाधिकरण के अनुसार 47.78 लाख रुपये के मुआवजे में भविष्य में होने वाली आय की हानि के लिए 28.80 लाख रुपये, भविष्य की संभावनाओं के लिए 11.52 लाख रुपये और चिकित्सा खर्चों के लिए लगभग 4.76 लाख रुपये शामिल हैं।
भाषा राजकुमार वैभव
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