ठाणे, आठ मई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे की एक सत्र अदालत ने वेश्यावृत्ति गिरोह चलाने के आरोपी एक पुरुष और एक महिला को सबूतों के अभाव में बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. एस. भागवत ने बृहस्पतिवार को सैफ सलाउद्दीन इसरारुद्दीन शेख (46) और कंचन मधारम चौधरी (41) को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने 8 मई, 2018 को ठाणे जिले के काशीगांव इलाके में एक अभियान चलाया था, जिसमें नकदी, कंडोम और मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच महिलाओं को भी बचाया था।
जिरह के दौरान मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया और ‘‘स्वतंत्र’’ गवाहों की विश्वसनीयता को लेकर कई विसंगतियां सामने आईं।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि इस मामले की पीड़ित महिलाएं, फर्जी ग्राहक और कई अन्य गवाहों का पता नहीं चल पा रहा है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में, अभियोजन पक्ष किसी भी तरह के आरोप साबित नहीं कर सका। आरोपी सैफ सलाउद्दीन इसरारुद्दीन शेख और आरोपी कंचन मधारम चौधरी को आरोपों से बरी किया जाता है।’’
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
नेत्रपाल