उपनिवेशवाद से मुक्ति का मतलब भारतीय दृष्टिकोण से प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करना है : अमित शाह

उपनिवेशवाद से मुक्ति का मतलब भारतीय दृष्टिकोण से प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करना है : अमित शाह

उपनिवेशवाद से मुक्ति का मतलब भारतीय दृष्टिकोण से प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करना है : अमित शाह
Modified Date: September 13, 2026 / 01:56 pm IST
Published Date: September 13, 2026 1:56 pm IST

मुंबई, 13 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश के इतिहास और ज्ञान को उपनिवेशवादी प्रभाव से मुक्त करने का मतलब अतीत को मिटाना नहीं है, बल्कि ‘‘भारतीय दृष्टिकोण से ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।’’

उन्होंने एशियाटिक सोसायटी मुंबई में एक पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कहा कि भारतीय ज्ञान, इतिहास, परंपराओं, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित किया जाना चाहिए तथा इन्हें देश और दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

शाह ने कहा, ‘‘उपनिवेशवाद से मुक्ति का मतलब इतिहास को मिटाना नहीं है। हमारी नजर से इसका अर्थ है कि ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए।’’

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने ज्ञान और सत्ता को एक-दूसरे के साथ जोड़ दिया था तथा अब जरूरत इस बात की है कि ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त किया जाए।

शाह ने कहा, ‘‘आज हम ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त करने और उसे उपनिवेशवादी प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


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