मेरे काम का मूल्यांकन लैंगिक आधार पर न करें : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार

Ads

मेरे काम का मूल्यांकन लैंगिक आधार पर न करें : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार

  •  
  • Publish Date - April 12, 2026 / 08:59 PM IST,
    Updated On - April 12, 2026 / 08:59 PM IST

पुणे, 12 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने रविवार को अपने दिवंगत पति अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि उनके काम का मूल्यांकन उनके महिला होने के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कन्हेरी गांव में भगवान हनुमान के दर्शन की परंपरा का पालन करते हुए बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत की।

सुनेत्रा पवार ने कहा कि शुरू में इस बात को लेकर आशंकाएं थीं कि एक महिला होने के नाते क्या वह इस जिम्मेदारी को निभा पाएंगी।

उन्होंने कन्हेरी गांव के एक मंदिर में भगवान हनुमान के दर्शन करने के बाद कहा, “हालांकि, अजितदादा के आशीर्वाद और बारामती के लोगों के सहयोग से मुझे इस चुनौती का सामना करने की शक्ति मिली।” दिवंगत अजित पवार भी अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत इसी मंदिर में दर्शन करते थे।

तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान लेने वाले विमान हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर बिखरे हुए कागजात इस बात के गवाह हैं कि अजितदादा अपनी आखिरी सांस तक काम करते रहे।

उन्होंने कहा, “उनके दुखद निधन के बाद, हमें उनके कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाना होगा। अन्य किसी भी विचारधारा से अधिक, समाज सेवा अजितदादा की विचारधारा थी, और वे जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना सभी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध थे।”

सुनेत्रा पवार ने कहा कि अजितदादा ने महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना को लागू करके महिलाओं को न्याय दिलाया। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं के लिए सरकार की एक वित्तीय सहायता योजना है, जिसके तहत उन्हें 1,500 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान किया जाता है।

सुनेत्रा पवार ने इस बात पर जोर दिया कि वह एक ऐसे परिवार की बहू हैं, जिसने महिलाओं के लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और उनके काम का मूल्यांकन लैंगिक आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने अजित पवार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का वादा किया और आश्वासन दिया कि बारामती तहसील के 33 गांवों में पानी की कमी का समाधान किया जाएगा।

इस वर्ष जनवरी में विमान दुर्घटना में अजित पवार की मृत्यु के कारण 23 अप्रैल को उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था। उन्होंने 1991 से विधायक के रूप में कार्यरत रहते हुए आठ बार बारामती निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप