‘अर्थशॉट’ पुरस्कार सूची में जगह बनाने वाले भारतीयों का अपने समुदायों से मजबूत जुड़ाव: सीईओ

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‘अर्थशॉट’ पुरस्कार सूची में जगह बनाने वाले भारतीयों का अपने समुदायों से मजबूत जुड़ाव: सीईओ

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 07:47 PM IST

मुंबई, 21 फरवरी (भाषा) प्रतिष्ठित वैश्विक पर्यावरण पुरस्कार ‘अर्थशॉट’ से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पुरस्कार सूची में जगह बनाने वाले भारतीयों का लोगों से मजबूत जुड़ाव है और वे अपने समुदायों के प्रति सच्ची सहानुभूति एवं अपनी संस्कृति को प्रतिबिंबित करने जैसी विशिष्टताएं रखते हैं।

‘अर्थशॉट प्राइज’ के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) जेसन नौफ ने हाल में संपन्न हुए मुंबई जलवायु सप्ताह में ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में, इस बात पर प्रकाश डाला कि सूची में जगह बनाने वाले भारतीय सबसे मजबूत प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तकों में शुमार हैं। उन्होंने इन भारतीयों की वैश्विक मंचों पर आत्मविश्वासपूर्ण और जमीनी विचारों की सराहना की।

मुंबई को नवंबर 2026 में आयोजित होने वाले छठे वार्षिक ‘अर्थशॉट’ पुरस्कार के मेजबान शहर के रूप में घोषित किया गया है। यह घोषणा मुंबई जलवायु सप्ताह के दौरान की गई।

नौफ ने कहा, ‘‘सूची में जगह बनाने वाले भारतीय हमेशा से हमारे दिल के करीब रहे हैं। उनकी सबसे खास बात लोगों से उनका गहरा जुड़ाव है। अन्य किसी भी देश की तुलना में, भारत के ये लोग अपने समुदायों को बहुत महत्व देते हैं। साथ ही, वे इस समूह के सबसे प्रतिभाशाली प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तकों में से हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे उच्च शिक्षित हैं और न्यूयॉर्क, लंदन तथा वाशिंगटन जैसे वैश्विक मंचों पर आत्मविश्वास से बोलते हैं, साथ ही साथ जमीन से जुड़े रहते हैं।’’

ब्रिटेन के प्रिंस विलियम द्वारा 2020 में स्थापित ‘अर्थशॉट’ पुरस्कार एक वैश्विक पर्यावरण पुरस्कार है जिसे दुनिया के गंभीर पर्यावरणीय संकटों के लिए अभिनव समाधानों की खोज और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

‘अर्थशॉट प्राइज’ के सीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि निवेश हासिल करना नवप्रवर्तकों के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक है, क्योंकि कुछ को प्रारंभिक चरण की प्रौद्योगिकियों का परीक्षण करने के लिए परोपकारी धन की आवश्यकता होती है, जबकि अन्य महत्वपूर्ण पूंजी आकर्षित करते हैं, भले ही यह प्रक्रिया कठिन बनी रहे।

नौफ ने कहा, ‘‘हम नेताओं को स्वयं समर्थन देने पर ध्यान केंद्रित करते हैं और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता रखते हैं। यह केवल व्यवसाय बढ़ाने के बारे में नहीं है; अर्थशॉट प्राइज समुदाय का उद्देश्य पृथ्वी पर सुधार करने और जलवायु संकट का सामना कर रहे लोगों की मदद करना है।’’

जलवायु संबंधी कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि यह जलवायु और प्रकृति आंदोलनों में बहुत मदद कर सकता है, लेकिन उन्होंने एआई और डेटा केंद्रों द्वारा खपत की जाने वाली ऊर्जा की मात्रा को भी स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ देश इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि भारत एआई का वैश्विक केंद्र बन सकता है, और एआई का उपयोग तैनाती और संसाधन प्रबंधन दोनों में जिम्मेदारी से कर सकता है। भारत इसे करने का सही तरीका दिखा सकता है।’’

भाषा नेत्रपाल वैभव

वैभव