व्यक्ति ने ‘जॉम्बी ड्रग’ नहीं, बल्कि ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवा ली थी: ठाणे पुलिस

Ads

व्यक्ति ने ‘जॉम्बी ड्रग’ नहीं, बल्कि ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवा ली थी: ठाणे पुलिस

  •  
  • Publish Date - April 21, 2026 / 11:50 AM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 11:50 AM IST

ठाणे, 21 अप्रैल (भाषा) पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि एक वायरल वीडियो में ठाणे की एक सड़क पर विचित्र अवस्था में दिख रहा व्यक्ति तथाकथित ‘जॉम्बी ड्रग’ के प्रभाव में नहीं था, बल्कि उसने अत्यधिक मात्रा में दर्द निवारक दवा ‘प्रेगाबालिन’ ले ली थी।

सोशल मीडिया पर 15 अप्रैल को सामने आए इस वीडियो में महाराष्ट्र के ठाणे शहर के भायंदर इलाके में एक व्यक्ति अजीब सी हालत में खड़ा दिखाई दे रहा है।

मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए अपराध जांच शाखा को व्यक्ति का पता लगाने और सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों की जांच करने का निर्देश दिया गया था जिनमें कहा गया था कि वह कथित ‘जॉम्बी ड्रग’ के असर में था।

पुलिस ने कहा, ‘‘जांच के दौरान पता चला कि यह वीडियो 13 अप्रैल की रात करीब 10 बजे रिकॉर्ड किया गया था। फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की पहचान नेपाल के अछाम जिले में रहने वाले 22 वर्षीय श्रमिक समीर राजेंद्र रावल के रूप में हुई। वह फिलहाल मुंबई में बोरीवली रेलवे स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर रह रहा है।’’

विज्ञप्ति में कहा गया कि 17 अप्रैल को वह व्यक्ति भायंदर की एक सड़क पर मिला और पूछताछ में उसने बताया कि वह काम की तलाश में पिछले महीने नेपाल से आया था और नसों के दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा ‘प्रेगाबालिन’ की गोलियां लेने का पिछले दो साल से आदी है।

पुलिस ने कहा, ‘‘उसने बताया कि वह 10 गोलियों का पत्ता 100 रुपये में खरीदता था और नशे के लिए उनका इस्तेमाल करता था।’’

पुलिस के अनुसार, भायंदर आने के बाद उसने नवघर के एक मेडिकल स्टोर से बिना किसी पर्चे के ये गोलियां खरीदीं। उसने 13 अप्रैल को एक साथ प्रेगाबालिन की पांच गोलियां खा लीं। इसके बाद भायंदर इलाके में चलते समय उसे चक्कर आने लगे और वह हिल-डुल नहीं पा रहा था इसलिए वह एक ही जगह खड़ा रह गया।

पुलिस ने कहा, ‘‘यह स्थापित हुआ है कि नसों के दर्द के इलाज में इस्तेमाल होने वाली ‘शेड्यूल-एच’ दवा ‘प्रेगाबालिन’ के अत्यधिक सेवन के कारण यह घटना हुई। इसका ‘जॉम्बी ड्रग’ जैसी किसी चीज से कोई लेना-देना नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि एक दल ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों के साथ मिलकर उस मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया, जहां से गोलियां खरीदी गई थीं और जांच में पता चला कि वीडियो वायरल होने के बाद दुकानदार इलाका छोड़कर चला गया।

पुलिस ने बताया कि बिना वैध पर्चे के ‘शेड्यूल-एच’ दवाएं अवैध रूप से बेचने के मामले में मेडिकल स्टोर के मालिक के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने के लिए ठाणे के एफडीए को रिपोर्ट भेज दी गई है।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव