मनोज वाजपेयी को उम्मीद, रणवीर सिंह से जुड़ा ‘डॉन 3’ का विवाद जल्द सुलझ जाएगा

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मनोज वाजपेयी को उम्मीद, रणवीर सिंह से जुड़ा 'डॉन 3' का विवाद जल्द सुलझ जाएगा

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 10:10 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 10:10 PM IST

मुंबई, 26 मई (भाषा) अभिनेता मनोज वाजपेयी ने मंगलवार को ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (एफडब्ल्यूआईसीई) द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ जारी ‘असहयोग निर्देश’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ जाएगा।

सोमवार को एफडब्ल्यूआईसीई ने कहा था कि फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से आखिरी वक्त पर अलग होने के कारण उसके चार लाख से अधिक सदस्य सिंह के साथ सहयोग नहीं करेंगे।

यह पूछे जाने पर कि ऐसी स्थितियों में फिल्म उद्योग किसी अभिनेता के हितों की रक्षा कैसे करता है, वाजपेयी ने कहा कि सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच चल रहे इस मुद्दे को लेकर अभी बहुत कम स्पष्टता है।

वाजपेयी ने अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर कहा, ‘मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं कि इस उद्योग से जुड़े सभी लोग इसके बारे में केवल सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं और हमारे पास इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है। लेकिन सहकर्मी या बिरादरी का सदस्य होने के नाते हम सिर्फ इतना ही कह सकते हैं कि उम्मीद है कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा।’

अख्तर और उनके निर्माता साझेदार रितेश सिधवानी ने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) में सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसने आगे के हस्तक्षेप के लिए इस मामले को ‘एफडब्ल्यूआईसीई’ के पास भेज दिया था।

खबरों के मुताबिक, इस लोकप्रिय फिल्म शृंखला की अगली फिल्म “डॉन 3” पिछले तीन वर्षों से तैयारी के चरण में है और इसकी शूटिंग अभी शुरू होनी बाकी थी। निर्माताओं ने दावा किया है कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन (शुरुआती तैयारी) पर पहले ही 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कल शाम अपने प्रवक्ता के माध्यम से कहा कि वह फिल्म और उद्योग से जुड़े हर व्यक्ति के प्रति ‘गहरा सम्मान और सद्भावना’ रखते हैं।

बयान में कहा गया, ”डॉन 3′ से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के दौरान, उन्होंने जानबूझकर चुप्पी बनाए रखने का विकल्प चुना है, क्योंकि उनका मानना है कि पेशेवर चर्चाओं और व्यक्तिगत समीकरणों को गरिमा, परिपक्वता तथा आपसी सम्मान के साथ ही संभाला जाना चाहिए।’

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप