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Sex racket busted : लॉज में चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने ग्राहक बनकर दबोचा
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Sex racket busted : उन्होंने कहा कि लॉज के मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वेश्यावृत्ति रैकेट में शामिल दो और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
लातूर: Sex racket busted, महाराष्ट्र के लातूर जिले में पुलिस ने वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़ करके एक महिला को मुक्त कराया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। औसा में एक ‘लॉज’ से देह व्यापार होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने पुष्टि के लिए एक फर्जी ग्राहक को वहां पर भेजा और बाद में परिसर में छापा मारा।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने एक महिला को मुक्त कराया, जिसे अवैध व्यापार में धकेला गया था। उन्होंने कहा कि लॉज के मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वेश्यावृत्ति रैकेट में शामिल दो और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र के ठाणे से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां रहवासी इलाके में एक फ्लैट पर सेक्स रैकेट जैसे घिनौना काम कराया जा रहा था। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दबिश देक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने बताया गया कि, गुप्त सूचना के आधार पर ठाणे पुलिस के मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ (एएचटीसी) ने 12 फरवरी को परिसर पर छापा मारा और एक महिला को बचाया। आरोपी दत्ताराम सावंत (58) वर्तक नगर इलाके में स्थित फ्लैट का इस्तेमाल रैकेट चलाने के लिए कर रहा था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 (पीआईटीए) की धारा 143(1) (मानव तस्करी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
1. पुलिस द्वारा इस तरह के रैकेट का भंडाफोड़ कैसे किया जाता है?
पुलिस अक्सर गुप्त सूचना या मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर जांच करती है। कभी-कभी फर्जी ग्राहक भेजकर साक्ष्य जुटाए जाते हैं और फिर छापा मारा जाता है।
2. इस तरह के अपराध में पकड़े जाने पर क्या सजा हो सकती है?
भारतीय न्याय संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (PITA) के तहत दोषियों को जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
3. क्या पीड़ित महिलाओं को भी आरोपी बनाया जाता है?
नहीं, आमतौर पर पुलिस पीड़ित महिलाओं को बचाती है और पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से उनकी सहायता करती है। मुख्य रूप से दलाल, होटल मालिक और रैकेट संचालक कानूनी कार्रवाई का सामना करते हैं।
4. यदि किसी को इस तरह की अवैध गतिविधि की जानकारी हो तो क्या किया जाए?
ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ (AHTC) को दी जानी चाहिए।
5. इस तरह के रैकेट को रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार जागरूकता अभियान, कड़े कानूनों का सख्ती से पालन, पुनर्वास योजनाएँ और मानव तस्करी विरोधी इकाइयों की सक्रियता बढ़ाकर इस समस्या को रोकने का प्रयास कर रही है।