पुणे: लॉज में एक महिला का वीडियो बनाने के आरोप में एक पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज

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पुणे: लॉज में एक महिला का वीडियो बनाने के आरोप में एक पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 08:29 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 08:29 PM IST

पुणे, 11 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने एक टेलीविजन पत्रकार के खिलाफ ‘ताक-झांक करने’ (वॉयूरिज़्म) का मामला दर्ज किया है। पत्रकार पर आरोप है कि उसने शहर के एक लॉज में महिला की अनुमति के बिना आपत्तिजनक हालत में उसे फिल्माया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि विश्रामबाग पुलिस थाने में रोहन कदम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 77 (ताक-झांक) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, लेकिन शिकायत में इस बात का उल्लेख है कि वह तीन अन्य पत्रकारों के साथ था।

यह घटना आठ अप्रैल को उस वक्त हुई जब आरोपी ने ‘बुधवार पेठ’ स्थित एक लॉज में एक कमरे में ‘चेक-इन’ किया था। वहां एक ‘रेड लाइट एरिया’ भी है।

अपनी शिकायत में महिला ने कहा कि एक ग्राहक के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने के बाद जब वह साड़ी पहन रही थी, तभी उसे एहसास हुआ कि कोई अज्ञात व्यक्ति दो कमरों के बीच की दीवार के ऊपर लगे जाल के माध्यम से उसकी वीडियो बना रहा है।

प्राथमिकी के अनुसार, उसने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बगल वाले दरवाजे पर दस्तक देकर उस व्यक्ति को बाहर आने के लिए कहा।

प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘महिला ने कदम से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उसने गोलमोल जवाब दिए और अपना फोन दिखाने से इनकार कर दिया। जब लॉज संचालक, महिला और अन्य लोगों ने उससे पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि वे चार पत्रकार एक स्टिंग ऑपरेशन कर रहे थे।’’

पुलिस ने बताया कि जब कदम ने कथित तौर पर मौके से भागने की कोशिश की तो उसपर हमला किया गया।

बाद में महिला विश्रामबाग पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।’’

इसी बीच, पुणे यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पीयूडब्ल्यूजे) ने शहर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को पत्र लिखकर कथित कृत्य के लिए पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में पत्रकारों के संगठन ने कहा कि ऐसी अफवाहें थीं कि कुछ पत्रकार और अन्य लोग यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे थे कि इस मामले में कोई अपराध दर्ज न हो।

पत्र में कहा गया है, ‘‘हम इससे सहमत नहीं हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि पीयूडब्ल्यूजे जांच में बाधा नहीं बनेगा।’’

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश