ठाणे, 20 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने एक बीमा कंपनी और एक ट्रक मालिक को 2020 में सड़क दुर्घटना में मारे गए एक फार्मासिस्ट के परिवार को लगभग 29 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
एमएसीटी सदस्य आर.वी. मोहिते की अध्यक्षता में न्यायाधिकरण ने मंगलवार को यह आदेश पारित किया।
याचिका में, 28 वर्षीय पीड़ित सचिन अशोक गव्हाणे के माता-पिता ने 80 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी। न्यायाधिकरण ने मृतक की आय, आश्रितों और कानूनी उदाहरणों के आधार पर वास्तविक मुआवजे का निर्धारण किया।
एक अगस्त, 2020 को सचिन अपनी मोटरसाइकिल पर ठाणे जिले के कल्याण से नवी मुंबई के वाशी जा रहे थे तभी शिल फाटा-महापे रोड पर एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया।
मुआवजे के संबंध में न्यायाधिकरण ने उल्लेख किया कि सचिन नवी मुंबई के वाशी में एक मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट के रूप में काम कर रहे थे, और उनकी मासिक आय 19,300 रुपये थी। ‘मल्टीप्लायर’ विधि लागू करने और भविष्य की संभावनाओं, जीवनसाथी के साथ संबंध के नुकसान, अंतिम संस्कार खर्च तथा अन्य मदों को ध्यान में रखते हुए, न्यायाधिकरण ने कुल मुआवजे की राशि 28,93,040 रुपये निर्धारित की।
न्यायाधिकरण ने वाहन (जिससे दुर्घटना हुई थी) के मालिक और बीमा कंपनी की संयुक्त और पृथक देयता तय करते हुए एक महीने के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया। कुल मुआवजे में से 10 लाख रुपये पिता को और 18.93 लाख रुपये माता को दिए जाएंगे, जिसमें से एक हिस्सा सावधि जमा में निवेश करना अनिवार्य है।
भाषा
शुभम पवनेश
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