दशहरा रैली में बेटे का नाम लेने के लिये शिवसेना सांसद ने उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लिया

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दशहरा रैली में बेटे का नाम लेने के लिये शिवसेना सांसद ने उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लिया

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  • Publish Date - October 6, 2022 / 10:10 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:28 PM IST

मुंबई, छह अक्टूबर (भाषा) शिवसेना के बागी सांसद श्रीकांत शिंदे ने बृहस्पतिवार को पार्टी के दूसरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुधवार को दशहरा रैली में भाषण के दौरान उनके डेढ़ साल के बेटे का नाम लेने पर पर आपत्ति जताई और पूछा कि क्या एक बच्चे को लक्षित करना उनके हिंदुत्व के अनुकूल है।

श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं और ठाणे जिले की कल्याण लोकसभा सीट का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं।

शिंदे ने एक खुले पत्र में कहा कि शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हमलावर रहते थे लेकिन उन्होंने कभी ऐसी ओछी टिप्पणी नहीं की ।

उन्होंने पूछा, ‘‘हिंदुत्व पर आपने जो विचार साझा किये हैं क्या आप उसे समझते हैं ? मैं आपसे एक बात पूछना चाहता हूं कि डेढ़ साल के बच्चे का नाम घसीटना क्या आपके हिंदुत्व के अनुकूल है ।’’

विजयदशमी के अवसर पर बुधवार को शिवसेना के दोनों गुटों – ठाकरे की अगुवाई वाला धड़ा और मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाले गुट- ने रैलियां की और एक दूसरे पर हमला बोला ।

अपने भाषण के दौरान, ठाकरे ने मुख्यमंत्री के अपने बेटे (श्रीकांत) को ढीठ बताने के लिये उन पर हमला किया और कहा कि उनके पोते रुद्रांश की नजर पार्षद पद पर है। ठाकरे ने शिंदे को मंत्री बनाने, विभिन्न पद दिये जाने और और उनके बेटे (श्रीकांत शिंदे) को सांसद बनाये जाने के बावजूद, मुख्यमंत्री पर उन्हें (ठाकरे को) ‘धोखा देने’ का आरोप लगाया ।

श्रीकांत शिंदे ने ठाकरे को फटकार लगाते हुए एक लंबे फेसबुक पोस्ट में पूछा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री एक बच्चे के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।

इस बीच एकनाथ शिंदे को आड़े हाथों लेते हुये, शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायंडे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने बिना किसी तैयारी के भाषण दिया, जबकि शिंदे एक घंटे 28 मिनट तक अपना ‘भाषण’ पढ़ते रहे ।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार ने भी मुख्यमंत्री का नाम लिये बगैर उन पर हमला बोला ।

भाषा रंजन मनीषा

मनीषा