लाल किले से ‘वंदे मातरम’ का गायन देश के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा: शिंदे

लाल किले से ‘वंदे मातरम’ का गायन देश के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा: शिंदे

लाल किले से ‘वंदे मातरम’ का गायन देश के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा: शिंदे
Modified Date: August 11, 2026 / 09:43 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:43 pm IST

मुंबई, 11 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ का गायन देश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल होगा।

शिंदे ने यह प्रतिक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय की इस घोषणा की पृष्ठभूमि में की कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा।

मुंबई में ‘ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026’ में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से मुखातिब शिंदे ने कहा, “‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत या नारा नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक भावना है, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से गहराई से जुड़ी हुई है।”

उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाया और देश के लिए अपने प्राणों का आहूति दे दी।

शिंदे ने कहा, “इन्हीं लोगों के बलिदान की वजह से आज हम आजाद हवा में सांस ले पा रहे हैं। ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष सभी भारतीयों में देशभक्ति, राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता की नयी भावना जगाएगा।”

शिवसेना प्रमुख ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़े निर्देश का सभी को स्वागत करना चाहिए, क्योंकि यह देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाकर देश को प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने वाली ऐसी पहलों का किसी को भी विरोध नहीं करना चाहिए।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


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