मुंबई, 14 मई (भाषा) अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा का कहना है कि आज के समय में ‘पूरी सच्चाई’ के साथ कुछ बोलना मुश्किल है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कलाकार फिल्मों में जिन विषयों को दिखाना चाहते हैं, उनके प्रति अधिक सतर्क हो गए हैं।
यह पूछने पर कि क्या निर्देशक मुख्यधारा की फिल्मों की कहानियों में कठोर सच्चाई दिखाने से कतराते हैं, जिस पर सिन्हा ने कहा कि वास्तविकता को चित्रित करना हमेशा संभव नहीं होता।
सोनाक्षी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “आज के दौर में अगर आप बहुत ज्यादा सच्चाई बोलते हैं, तो फिल्म भी रुक जाती है। पूरी सच्चाई बोलना मुश्किल है। इसलिए, मुझे लगता है कि लोग अपने चुने हुए विषयों, अपने द्वारा व्यक्त की जाने वाली सच्चाई और अपने संदेश को लेकर बहुत सतर्क हो गए हैं। मुझे लगता है कि रचनात्मक लोग थोड़े कठिन दौर से गुजर रहे हैं, हमारे पास अब वह आजादी नहीं रही।”
उन्होंने 2010 में सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ से हिंदी सिनेमा में पदार्पण किया था।
यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके बाद सोनाक्षी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने ‘लुटेरा’, ‘अकीरा’, ‘मिशन मंगल’ और ओटीटी शो ‘दहाड़’ व ‘हीरामंडी’ में अहम भूमिकाएं निभाईं, जिन्हें समीक्षकों से सराहना मिली।
सोनाक्षी ने फिल्मों में अपने 15 साल से अधिक के सफर को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था तब से फिल्म जगत काफी बदल गया है और इसका एक कारण सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव है।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह और भी कठिन हो गया है, क्योंकि तब इतना प्रचार-प्रसार नहीं होता था। सोशल मीडिया था, अब यह बहुत बड़ा हो गया है। इसलिए, मुझे लगता है कि मैं थोड़े बेहतर समय में आई थी और उसके बाद से चीजें बिगड़ने लगीं।”
अभिनेत्री ने कहा कि अनुभव ने उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद की है, साथ ही एक व्यक्ति के रूप में उनमें बदलाव लाने में सहायता की है।
सिन्हा ने बताया कि वह फिलहाल ‘दहाड़ -2’ की शूटिंग कर रही हैं।
भाषा जितेंद्र माधव
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