पाकिस्तान की राजधानी में शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत, 169 घायल

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पाकिस्तान की राजधानी में शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत, 169 घायल

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 09:48 PM IST

(फोटो सहित)

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, छह फरवरी (भाषा) पाकिस्तान की राजधानी में शुक्रवार की नमाज के दौरान शिया समुदाय की मस्जिद में आत्मघाती हमलावर द्वारा खुद को विस्फोट में उड़ा लेने से कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह हमला हाल के वर्षों में शिया समुदाय को निशाना बनाकर किए गए सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक है।

पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह भीषण विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजातुल कुबरा मस्जिद-सह-इमामबाड़ा में हुआ।

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर को इमामबाड़ा के द्वार पर रोक लिया गया था, लेकिन उसने खुद को विस्फोट में उड़ा लिया।

इस्लामाबाद के उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने पुष्टि की है कि कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हुए- जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। फिलहाल किसी भी समूह ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है।

इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र (आईसीटी) के पुलिस प्रवक्ता ताकी जवाद ने बताया कि विस्फोट में मारे गए लोगों में इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सैयद अली नासिर रिजवी का एक चचेरा भाई भी शामिल था, जबकि पुलिस प्रमुख का एक अन्य रिश्तेदार घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए ‘जियो न्यूज’ ने बताया कि आतंकवादी ने पहले गोलीबारी की और फिर खुद को उड़ा लिया।

बचाव टीम और पुलिस हमले वाली जगह पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

अधिकारियों ने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायल गंभीर हालत में हैं।

राजधानी के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई।

सेना के जवानों और रेंजर्स ने इलाके को घेर लिया और विस्फोट स्थल के आसपास सुरक्षा अभियान चलाए जा रहे हैं।

यह हमला ऐसे समय हुआ, जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव पाकिस्तान के दौरे पर हैं। वह बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर पहुंचे।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने इस हमले की निंदा की।

शहबाज ने गृह मंत्री मोहसिन नकवी को घटना की गहन जांच करने, दोषियों की पहचान करने और उन्हें तुरंत न्याय के कटघरे में लाने का निर्देश दिया।

प्रमुख शिया नेता अब्बास ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना मानवता, धर्म और सामाजिक मूल्यों पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने भी नमाज के दौरान बेगुनाह लोगों पर हुए ‘कायरतापूर्ण आत्मघाती हमले’ की निंदा की।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना किसी सबूत के हमले में भारत और अफगानिस्तान की संलिप्तता का दावा किया।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि ‘यह साबित हो गया है कि हमले में शामिल आतंकवादी की आवाजाही अफगानिस्तान से हुई थी। भारत और अफगानिस्तान के बीच मिलीभगत का पर्दाफाश हो रहा है।

आसिफ ने बताया कि इमामबाड़ा के सुरक्षा गार्ड ने हमलावर का सामना किया, जिसने गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा, ‘इसके बाद उसने नमाज के लिए एकत्र लोगों की आखिरी पंक्ति में खड़े होकर खुद को उड़ा लिया।’

संसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया।

मंत्री ने कहा, ‘‘इस तरह के आतंकवादी कृत्य देश के मनोबल को कमज़ोर नहीं कर सकते। इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम सभी शांति, सहिष्णुता और स्थिरता के लिए एकजुट हों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ एकजुटता व्यक्त करें।’’

ईरान, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की।

इस्लामाबाद में यह हमला ऐसे समय हुआ जब सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर-पख्तूनख्वा में दो अलग-अलग घटनाओं में 24 आतंकवादियों को मार गिराया।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश