व्यापार समझौते से भारत की संप्रभुता, किसानों के हितों का सौदा हुआ: पायलट

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व्यापार समझौते से भारत की संप्रभुता, किसानों के हितों का सौदा हुआ: पायलट

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 05:56 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 05:56 PM IST

मुंबई, 19 फरवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते की बृहस्पतिवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि यह (समझौता) भारत की संप्रभुता, किसानों के हितों, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समझौता करने वाला है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि व्यापार समझौते समानता और पारस्परिक सार्वजनिक हित पर आधारित होने चाहिए और ये राष्ट्रीय हित या संप्रभुता की कीमत पर नहीं किए सकते।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘देश के हितों को गिरवी रखने वाला कोई भी व्यापार समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता। कोई भी समझौता जो किसानों की आजीविका पर हमला करता है, ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर करता है या भारत की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता को कमजोर करता है, उसे लोगों द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।’’

पायलट ने दावा किया कि पहले भी गैर-कांग्रेसी सरकारें रही हैं, लेकिन कभी भी व्यापार समझौतों, द्विपक्षीय समझौतों, विश्व व्यापार संगठन के स्तर की वार्ता या मुक्त व्यापार समझौते में ‘‘लक्ष्मण रेखा’’ को इस तरह से पार नहीं किया गया कि देश के अन्नदाताओं और डेयरी किसानों को हाशिये पर डाल दिया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से प्रसंस्कृत मक्का, ज्वार और सोयाबीन तेल जैसे उत्पादों के शुल्क मुक्त आयात से महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के घरेलू उत्पादकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

पायलट ने यह चिंता भी जताई कि अमेरिका से कपास के आयात और बांग्लादेश से जुड़े कपड़ा व्यापार की स्थिति में बदलाव से भारत के किसानों और कपड़ा उद्योग को नुकसान हो सकता है।

भाषा हक हक पवनेश

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