भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और रहने के मामले में दो बांग्लादेशी महिलाओं को दोषी ठहराया गया

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भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और रहने के मामले में दो बांग्लादेशी महिलाओं को दोषी ठहराया गया

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 10:40 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 10:40 PM IST

ठाणे, 21 सितंबर (भाषा) भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और बिना वैध दस्तावेजों के रहने के अलग-अलग मामलों में दो बांग्लादेशी महिलाओं को दोषी ठहराया गया है।

पहले मामले में, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी. डी. शेल्के ने 55 वर्षीय मोर्जिना ओलियर फकीर को विदेशी अधिनियम की धारा 14ए(बी) के तहत दोषी ठहराया और उन्हें दो साल के सश्रम कारावास तथा 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ (एएचटीसी) ने फकीर को पिछले साल 12 मई को मीरा मार्ग (पूर्व) के शांति पार्क से गिरफ्तार किया था।

वहीं, दूसरे मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी. एल. भोसले ने 35 वर्षीय रूपबन बेगम चाचामियां शेख को भारतीय पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम और विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत दोषी ठहराया।

एएचटीसी ने शेख को 24 मई 2025 को मीरा रोड (पूर्व) से गिरफ्तार किया था। अधिकारियों को उसके मोबाइल फोन में बांग्लादेशी पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्र की डिजिटल प्रतियां मिली थीं।

अदालत ने उसे पासपोर्ट अधिनियम के तहत छह महीने के सश्रम कारावास और विदेशी अधिनियम के तहत एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

भाषा प्रचेता दिलीप

दिलीप