मुंबई, 13 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए सोमवार को कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने दलगत हितों से अलग रहकर इस आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए।
मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में ठाकरे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन बेहद कीमती है।
नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉजपा का धरना पिछले 24 दिनों से जारी है।
संगठन की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और इस वर्ष मई में हुई नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद नीट की पुनः परीक्षा पिछले महीने आयोजित की गई थी।
कॉजपा का प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था, जबकि शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अनशन के कारण वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई है। रविवार को चिकित्सकों ने बताया कि उनका रक्तचाप कम हो गया है और अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट चुका है।
कॉजपा ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है।
ठाकरे ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को ‘‘बिना किसी राजनीतिक झंडे के’’ कॉजपा के आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भी इस आंदोलन के समर्थन में आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगने में कुछ भी गलत नहीं है।
ठाकरे ने कहा कि 20 जुलाई को जब कॉजपा नयी दिल्ली में संसद तक मार्च निकालेगी, तो उसी दिन शिवसेना (उबाठा) भी महाराष्ट्र में प्रदर्शन कर इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताएगी।
उन्होंने कहा कि शिवसेना (उबाठा) के सांसद संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को उठाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि 18 जुलाई को वह नागपुर जाएंगे, जहां अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के विरोध में शुरू किए गए ‘राम रक्षा’ आंदोलन में हिस्सा लेंगे।
भाषा गोला नरेश
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