(Chaitra Navratri 2026 Day 5 / Image Credit: IBC24 News File)
Chaitra Navratri 2026 Day 5: इस बार चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन सोमवार 23 मार्च 2026 को पड़ रहा है और यह दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है। मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता है, इसलिए उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। यह स्वरूप ममता, स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है। मां की गोद में भगवान कार्तिकेय का बाल रूप विराजमान होता है, जो दिखाता है कि मां अपने भक्तों की रक्षा संतान की तरह करती हैं।
मां स्कंदमाता की पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है, जिनके परिवार में परेशानियां चल रही हों या संतान से जुड़ी चिंताएं हों। इस दिन की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह दिन बड़ी इच्छाओं की पूर्ति और जीवन को सरल बनाने के लिए बहुत विशेष माना जाता है।
23 मार्च 2026 को पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की पूजा का शुभ समय सुबह का है। विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 तक है। इस समय पर पूजा करने से घर में खुशहाली और मानसिक शांति आती है। सही समय पर पूजा करने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाएं और मां का आभार व्यक्त करें। पीले फूल और फल अर्पित करें, क्योंकि पीला रंग मां को प्रिय है। भोग में केले का फल अर्पण करें। इस दौरान मां के मंत्रों का जाप करें, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सहजता आती है।
पूजा के बाद मां स्कंदमाता की आरती करना आवश्यक है। सुबह की आरती मुख्य पूजा के बाद और संध्या आरती सूर्यास्त के समय करना उत्तम माना जाता है। आरती के समय पूरे परिवार का साथ होना आपसी तालमेल बढ़ाता है। इस दौरान अपनी बड़ी इच्छाओं की प्रार्थना मां से करें।
सच्ची भक्ति और श्रद्धा के साथ की गई पूजा और आरती से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं। इससे घर में सुख-शांति, संपत्ति और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ता है। मां स्कंदमाता की कृपा से न केवल जीवन में समृद्धि आती है, बल्कि परिवार में प्रेम और तालमेल भी मजबूत होता है।