Navratri Special Trains For Dongargarh: नवरात्रि में अब आसान होगा मां के दरबार तक का सफर, CG के इस प्रसिद्ध धाम के लिए 10 ट्रेनों का ऐलान, ये व्यवस्था भी की गई

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Navratri Special Trains For Dongargarh: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होते ही छत्तीसगढ़ के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है।

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 11:19 AM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 11:19 AM IST

navratri 2026/ image aource: IBC24

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में नवरात्रि की धूम
  • मंदिरों में विशेष आरती आयोजन
  • ज्योति कलश के लिए बुकिंग

Navratri Special Trains For Dongargarh: रायपुर: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होते ही छत्तीसगढ़ के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई प्रसिद्ध मंदिरों-मां दंतेश्वरी मंदिर, मां बम्लेश्वरी मंदिर, महामाया मंदिर और महामाया मंदिर समेत करीब 10 मंदिरों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नवरात्रि के पहले दिन यहां विशेष आरती के साथ मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जा रहे हैं। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।

Chaitra Navratri 2026 Chhattisgarh: ज्योति कलश जलवाने के लिए हो रही एडवांस बुकिंग

इस बार नवरात्रि को लेकर देश ही नहीं, विदेशों से भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है। कई विदेशी और एनआरआई श्रद्धालुओं ने भी पहले से ही ज्योति कलश जलवाने के लिए एडवांस बुकिंग कराई है। वहीं, डोंगरगढ़ आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। यहां 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी स्टॉपेज दिया गया है, जबकि 19 से 27 मार्च तक 4 लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया है। इसके अलावा डोंगरगढ़ और दुर्ग के बीच स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी होगी। पैदल यात्रियों के लिए बस सेवा, निशुल्क भंडारा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Dongargarh Bamleshwari temple: इस बार की नवरात्रि कई मायनों में खास

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार की नवरात्रि कई मायनों में खास मानी जा रही है। रायपुर के ज्योतिषाचार्य अमिताभ दुबे और मनोज शुक्ला ने बताया कि वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है जब कलश स्थापना अमावस्या तिथि में की जा रही है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही, शुक्ल और ब्रह्म योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है। बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर, जो 52 शक्तिपीठों में से एक है, यहां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार 20 एकड़ में विशाल पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी को असुविधा न हो।

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