(Chaitra Navratri 2026/ Image Credit: IBC24 News)
Chaitra Navratri 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में नवरात्रि बेहद पावन और विशेष पर्व माना जाता है। साल में चार बार नवरात्रि पड़ती है, जिनमें चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। चैत्र नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होती है और इसी दिन हिंदू नववर्ष का आरंभ भी होता है। इस साल यह पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा अवतरित हुई थी और उन्होंने दैत्य महिषासुर का वध किया था।
नवरात्रि में पूजा और व्रत के साथ जौ बोने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जौ बोना शुभ और मंगलकारी माना जाता है। जौ को अन्नपूर्णा देवी का स्वरूप भी माना जाता है और इसे ‘जौ जयंती’ कहा जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में जौ नहीं बोए जाएं तो पूजा पूरी नहीं होती। जौ का अंकुरण घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे हर घर में नवरात्रि के दौरान लगाया जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जौ संसार का पहला अन्न है और इसे ब्रह्मा जी का स्वरूप भी माना गया है। ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना के समय सबसे पहले जौ उत्पन्न किए थे। यही कारण है कि इसे पूर्णसस्य यानी पूरी फसल कहा जाता है। जौ ऋषियों का प्रिय अनाज माना गया है और यही वजह है कि इसे नवरात्रि में विशेष महत्व दिया गया है।
नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ जौ बोने की प्रक्रिया शुरू होती है। सबसे पहले एक साफ मिट्टी का बर्तन लें और उसमें पवित्र मिट्टी भरें। इसके बाद जौ के दाने बो दें और हल्के हाथ से पानी छिड़कें ताकि मिट्टी हमेशा नम रहे। इस पात्र को मां दुर्गा की प्रतिमा के पास रखें और रोजाना थोड़ा-थोड़ा पानी दें। समय पर अंकुरित जौ घर में सुख-समृद्धि और आशीर्वाद का संकेत देता है।