(Chor Panchak 2026/ Image Credit: Pexels)
Chor Panchak 2026: सनातन धर्म में पंचक को एक विशेष और सावधानी रखने वाली अवधि माना जाता है। मान्यता के अनुसार, पंचक के दौरान शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए। द्रिंक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार से चोर पंचक (Chor Panchak 2026) की शुरुआत हो गई है। यह पंचक सुबह 6 बजकर 38 मिनट से शुरू हुआ है और 4 अगस्त तक रहेगा। ज्योतिष में शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक कहा जाता है। जिसे अन्य पंचकों की तुलना में अधिक संवेदनशील और सावधानी रखने वाला माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक का संबंध चंद्रमा के गोचर से बताया जाता है। जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से होकर गुजरता है तब पंचक काल बनता है। ये सभी नक्षत्र कुंभ और मीन राशि से जुड़े हुए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कुछ कार्यों को करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जाती है। इसलिए लोग सावधानी बरतते हैं।
मान्यता है कि चोर पंचक के दौरान (Chor Panchak 2026) चोरी, धन हानि और व्यापार से जुड़े नुकसान की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए इस समय घर, दुकान और कारोबार की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही जाती है। आर्थिक लेन-देन में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और किसी बड़े व्यापारिक फैसले को सोच-समझकर लेना बेहतर माना जाता है। निवेश से जुड़े फैसलों में भी सावधानी बरतने की बात कही जाती है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चोर पंचक के दौरान (Chor Panchak 2026) नया व्यापार शुरू करने, जमीन-जायदाद खरीदने और शेयर बाजार में बड़ा निवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। इसके अलावा लोहे की वस्तुएं, कपड़े और ज्वलनशील पदार्थ खरीदने से भी बचने को कहा जाता है। साथ ही इस अवधि में धन का लेन-देन करते समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।