Mokshada Ekadashi 2025: सिर्फ मोक्षदा एकादशी के दिन करें ये आसान उपाय, बदलेगी किस्मत, घर में आएगी अपार धन-धान्य और खुशहाली!

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मोक्षदा एकादशी पर तुलसी माता से जुड़े विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। हर एकादशी के दिन तुलसी निर्जला व्रत रखती हैं, और इस दिन के उपाय घर में सुख, समृद्धि और धन-धान्य लाते हैं।

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  • Publish Date - November 23, 2025 / 01:40 PM IST,
    Updated On - November 23, 2025 / 01:42 PM IST

(Mokshada Ekadashi 2025 / Image Credit: IBC24 News Customize)

HIGHLIGHTS
  • मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी है।
  • यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • तुलसी माता को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है।

Mokshada Ekadashi 2025: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है।

मोक्ष और संकटमोचन का व्रत

हिंदू धर्म में माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी के व्रत और पूजा करने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। इस दिन माता तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। हर एकादशी के दिन तुलसी निर्जला व्रत रखती हैं। अतः तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे घर में सुख, धन-धान्य और समृद्धि बढ़ती है।

कब है मोक्षदा एकादशी?

मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी 30 नवंबर 2025, रविवार रात 9:29 बजे से शुरू होगी। इसका समापन 1 दिसंबर 2025, सोमवार शाम 7:01 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार व्रत 1 दिसंबर 2025 को ही रखा जाएगा।

तुलसी से जुड़े खास उपाय

  • स्नान और जल अर्पण: सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे में जल या गाय का कच्चा दूध अर्पित करें।
  • परिक्रमा और मंत्र जप: तुलसी की सात बार परिक्रमा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है।
  • भगवान विष्णु को भोग: केसर की खीर बनाकर उसमें तुलसी दल शामिल करें और भगवान विष्णु को भोग लगाएं। इस उपाय से श्री हरि की कृपा मिलती है।
  • सूर्यास्त के बाद दीपक: तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे समस्त पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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मोक्षदा एकादशी कब है?

30 नवंबर 2025 रात 9:29 बजे शुरू होकर 1 दिसंबर 2025 शाम 7:01 बजे समाप्त होगी। व्रत 1 दिसंबर को रखा जाएगा।

मोक्षदा एकादशी क्यों महत्वपूर्ण है?

इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माता तुलसी का इस दिन क्या महत्व है?

तुलसी माता को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इस दिन तुलसी से जुड़े उपाय करने से विष्णु और लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।

मोक्षदा एकादशी पर कौन-कौन से उपाय किए जाते हैं?

तुलसी में जल या दूध चढ़ाना, सात परिक्रमा करना, मंत्र जप करना, केसर की खीर का भोग अर्पित करना और सूर्यास्त के बाद दीपक जलाना।

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