Makar Sankranti 2026 | Photo Credit: IBC24 Customize
नई दिल्ली: हर साल सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने की तिथि पर मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) मनाई जाती है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा समेत उनकी सहायक नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। साथ ही पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं।
वैदिग पंचाग के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इस बार मकर संक्रांति के दिन बेहद ही अद्भुत संयोग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार, लगभग 23 सालों के बाद एक ही दिन पर षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति पड़ रही है। इससे पहले ऐसा संयोग साल 2003 में बना था। पंचाग के अनुसार, पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 45 मिनट तक है। इसके साथ ही महा पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 57 मिनट तक है। मकर संक्रांति के दिन पुण्य क्षण दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर है। इस दौरान पूजा और दान करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होगी।
ज्योतिषी के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 43 मिनट पर सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है।
ब्रह्म मुहूर्त 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
विजय मुहूर्त 02:15 पी एम से 02:57 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 05:43 पी एम से 06:10 पी एम
अमृत काल 03:23 पी एम से 05:10 पी एम
निशिता मुहूर्त 12:03 ए एम, जनवरी 15 से 12:57 ए एम, जनवरी 15
सर्वार्थ सिद्धि योग 07:15 ए एम से 03:03 ए एम, जनवरी 15
अमृत सिद्धि योग 07:15 ए एम से 03:03 ए एम, जनवरी 15