(Varuthini Ekadashi Date/ Image Credit: IBC24 News)
Varuthini Ekadashi Date: इस बार वरुथिनी एकादशी का पावन व्रत सोमवार, 13 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा। यह बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। यह तिथि 13 अप्रैल को सुबह 01:16 बजे शुरू होकर 14 अप्रैल को रात 01:08 बजे समाप्त होगी। शास्त्रों में इस व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यह दुखों को कम करने और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वराह रूप की पूजा की जाती है।
वरुथिनी एकादशी के व्रत में सेंधा नमक का उपयोग सामान्य रूप से उचित और स्वीकार्य माना जाता है। इसे साधारण नमक की तुलना में अधिक शुद्ध और प्राकृतिक माना जाता है। मान्यता है कि यह बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के प्राप्त होता है, इसलिए इसे व्रत के सात्विक आहार में शामिल किया जाता है। कई लोग व्रत में स्वाद और शुद्धता बनाए रखने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
एकादशी व्रत में अनाज और तामसिक भोजन का सेवन वर्जित होता है। इस दौरान केवल फलाहार और सात्विक भोजन की अनुमति मानी जाती है। सेंधा नमक को इसी कारण से व्रत के अनुकूल माना गया है। यह भोजन को हल्का और सुपाच्य बनाता है और शरीर में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। व्रत के नियमों का पालन करने से मानसिक शांति भी मिलती है।
सेंधा नमक पाचन के लिए हल्का माना जाता है और शरीर पर अधिक भार नहीं डालता। व्रत के दौरान यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। इससे कमजोरी और थकान कम महसूस होती है। इसे फलाहार जैसे कुट्टू, सिंघाड़ा या सामा के चावल के साथ भी खाया जाता है, जिससे ऊर्जा बनी रहती है और शरीर सक्रिय रहता है।
वरुथिनी एकादशी केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और भक्ति का पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और सात्विक जीवन अपनाने का महत्व होता है। माना जाता है कि अच्छे विचार, सेवा भाव और संयम से व्रत का फल और बढ़ जाता है। यह व्रत व्यक्ति को मानसिक रूप से शांत और जीवन में सकारात्मक दिशा देने में सहायक होता है।