Simran Bala CRPF/Image Credit: @DefenceDirect X Handle
Simran Bala CRPF: नई दिल्ली: पूरे भारत में आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। हर साल की भांति इस साल भी गणतंत्र दिवस की परेड का आयोजन किया गया है, इसमें रक्षा मंत्रालय द्वारा सैन्य ताकतों का प्रदर्शन किया गया। वहीं, 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया था। (Simran Bala CRPF) इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर इतिहास के पन्नों पर नया अध्याय जुड़ गया है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, गणतंत्र दिवस परेड में सिमरन बाला ने इतिहास रचा है।
Simran Bala CRPF: दरअसल 26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में सिमरन बाला ने इतिहास रच दिया। 26 वर्षीय CRPF असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला ने गणतंत्र दिवस के मौके पर 140 से अधिक पुरुष कर्मियों वाले दल का नेतृत्व किया। भारतीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब पुरुषों के दल का एक महिला ने नेतृत्व किया। (CRPF Parade Leader) यह देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल के लिए एक मील का पत्थर है, जो सुरक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है। बता दें कि अपनी परिचालन क्षमता के लिए प्रसिद्ध सीआरपीएफ में पारंपरिक रूप से पुरुष अधिकारी ही परेड का नेतृत्व करते रहे हैं।
Simran Bala CRPF: मिली जानकारी के अनुसार असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा की रहने वालीं हैं। बताया जाता है कि सीमरन बाला ने बचपन से ही सीमा पार से होने वाली गोलीबारी को देखा है। इसी से प्रेरित होकर सिमरन के दिल में देश प्रेम का जज्बा जाग उठा और उन्होंने देश के लिए कुछ करने की ठान ली। सिमरन ने 10वीं तक की पढ़ाई नौशेरा मे की है, जिसके बाद आगे की शिक्षा के लिए वो जम्मू आ गईं। वहीं, उन्होंने उच्च शिक्षा गांधी नगर में पूरी की है। स्नातक के अंतिम सेमेस्टर में उन्होंने यूपीएससी (Simran Bala CRPF) CAPF की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफल रहीं।
Simran Bala CRPF: जून 2023 में, सिमरन बाला ने यूपीएससी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा उत्तीर्ण की। वह जम्मू-कश्मीर से इसे सफल करने वाली एकमात्र महिला थीं, जिन्होंने 151 योग्य उम्मीदवारों में से 82वीं अखिल भारतीय रैंक प्राप्त की। अपनी सफलता का श्रेय सिमरन बाला ने कड़ी मेहनत, दृढ़ता, निरंतरता और माता-पिता, शिक्षकों, शुभचिंतकों के समर्थन को दिया। उन्होंने डिजिटल पहुंच के महत्व पर भी प्रकाश डाला: इंटरनेट युग में, उम्मीदवार सीमावर्ती क्षेत्र या महानगर कहीं से भी सफल हो सकते हैं।
Simran Bala CRPF: सिमरन की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये ना सिर्फ नौशेरा के लिए (Simran Bala CRPF) बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए गौरव की बात है। जब कोई लड़की सीमावर्ती क्षेत्र से निकलकर देश को नेतृत्व करती है तो ये पूरे देश की लड़कियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनती है। खासकर उस क्षेत्र के लिए जहां पर सुविधाओं का आभाव है और लोग पढ़ाई के लिए सोचते हैं। ऐसे में मेरी दीदी सिमरन ने जो मुकाम हासिल किया है उससे पूरे नौशेरा के लोग खुश हैं और बधाई दे रहे हैं।
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