मप्र : नर्सिंग कॉलेज घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता, एनएसयूआई कार्यकर्ता घायल

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मप्र : नर्सिंग कॉलेज घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता, एनएसयूआई कार्यकर्ता घायल

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  • Publish Date - July 15, 2024 / 09:43 PM IST,
    Updated On - July 15, 2024 / 09:43 PM IST

भोपाल, 15 जुलाई (भाषा) मध्य प्रदेश में नर्सिंग महाविद्यालयों में कथित घोटाले के खिलाफ सोमवार को मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाल रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोले और छोड़ी गई पानी की बौछारों से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, एनएसयूआई नेता और कई अन्य कार्यकर्ता घायल हो गए।

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने नर्सिंग कॉलेज घोटाला, नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद और अग्निपथ योजना के विरोध में मार्च का आयोजन किया। पटवारी, कांग्रेस के कई नेताओं और विधायकों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

पटवारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरी (दाहिनी) कोहनी पर टांके लगे हैं। लाठीचार्ज में मुझे चोट आईं। मैं कल पुलिस में शिकायत दर्ज कराऊंगा।’’

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और जनता के हित में एनएसयूआई का विरोध जारी रहेगा।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास तक मार्च करने से रोकने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं और आंसू गैस के गोले दागे।

भोपाल (नगर जोन 1) की पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने 30 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया और मुचलके जमा किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।’’

उन्होंने बताया कि आंसू गैस के दो गोले दागे गए और पानी की बौछारें छोड़ी गईं, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज नहीं किया।

मध्य प्रदेश में एनएसयूआई के समन्वयक रवि परमार कथित नर्सिंग घोटाले को उजागर करने वालों में हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया।

परमार ने कहा, ‘‘हम पुलिस कार्रवाई और नर्सिंग घोटाले में शामिल मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।’’

कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दोपहर को पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए और बाद में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास की ओर बढ़ गए।

हालांकि, पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर अवरोधक लगाए थे और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों ने जब पुलिस द्वारा लगाए अवरोधकों पर चढ़ने और घेरा तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें छोड़ीं।

उन्होंने कहा कि एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों को जबरन पुलिस वाहनों में भर दिया गया।

पटवारी ने संवाददाताओं से बाचतीत में कहा, ‘‘भाजपा मध्य प्रदेश के लोगों को संदेश दे रही है कि आप हमें वोट दें और हम आपके बच्चों की जिंदगी खराब करते रहेंगे। अब समय आ गया है कि लोग भाजपा के अत्याचार के खिलाफ उठ खड़े हों।’’

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 30 मई को 169 नर्सिंग महाविद्यालयों का पुनः निरीक्षण करने का निर्देश दिया था, जिन्हें सीबीआई ने घोटाला मामले में क्लीन चिट दे दी थी। अदालत ने यह आदेश एजेंसी के दो अधिकारियों द्वारा अनुकूल रिपोर्ट के बदले संस्थानों से कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़े जाने के मद्देनजर दिया था।

केंद्रीय एजेंसी ने घोटाले से संबंधित मामलों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

भाषा

धीरज माधव वैभव

वैभव