आल इंग्लैंड चैंपियनशिप : क्रिस्टी को हराकर लक्ष्य अंतिम आठ में, मालविका हारीं

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आल इंग्लैंड चैंपियनशिप : क्रिस्टी को हराकर लक्ष्य अंतिम आठ में, मालविका हारीं

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  • Publish Date - March 13, 2025 / 08:57 PM IST,
    Updated On - March 13, 2025 / 08:57 PM IST

बर्मिंघम, 13 मार्च (भाषा) भारत के लक्ष्य सेन ने बृहस्पतिवार को यहां आल इंग्लैंड चैंपियनशिप में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में हराकर उलटफेकर करते हुए पुरुष एकल क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया जबकि महिला एकल खिलाड़ियों का अभियान मालविका बंसोड के हारने के बाद समाप्त हो गया।

लक्ष्य ने एक तरफा मुकाबले में क्रिस्टी को 21-13 21-10 से पराजित करने में महज 36 मिनट लगाए। इस जीत से लक्ष्य का क्रिस्टी के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 3-4 हो गया है।

पेरिस ओलंपिक के बाद लक्ष्य तीसरे वरीय क्रिस्टी के खिलाफ पहली दफा खेल रहे थे। लक्ष्य ने शुरू से ही दबदबा बनाया और आसानी से जीत दर्ज की।

वहीं मालविका प्री क्वार्टरफाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से सीधे गेम में हार गईं।

दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची को दुनिया की 28वें नंबर की खिलाड़ी मालविका महज 33 मिनट में 21-16 21-13 से हराने में जरा भी पसीना नहीं बहाना पड़ा।

यामागुची का अब मालविका के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 4-0 हो गया है।

इससे पहले बुधवार को दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू भी महिला एकल से बाहर हो गई थीं।

सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी पुरूष युगल वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच गई। पिछले महीने अपने पिता के निधन के बाद कोर्ट पर लौटे सात्विक और चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डेनमार्क के डेनियल लुंडगार्ड और मैड्स वेस्टरगार्ड को 40 मिनट तक चले मुकाबले में 21 . 17, 21 . 15 से हराया ।

अब उनका सामना चीन के हाओ नान शि और वेइ हान जेंग से होगा ।

जीत के बाद सात्विक ने अपनी ऊंगली आसमान की ओर उठाई और ऊपर देखते रहे । शायद अपने पिता को तलाश रहे थे ।

उन्होंने कहा ,‘‘ यह बहुत कठिन है लेकिन जीवन ऐसा ही है ।’’

सात्विक ने दुख के क्षण में साथ रहने के लिये चिराग को धन्यवाद देते हुए कहा ,‘‘वह उस समय मेरे घर आया । हमने थोड़ा अभ्यास किया और मैं उसका शुक्रगुजार हूं । वह मेरी चोट के समय भी मेरे साथ था । उसके माता पिता और हमारे कोच भी आये । मेरे पिता हमेशा चाहते थे कि वे हमारे यहां आयें ।’’

चिराग ने कहा ,‘‘ सात्विक ने इतना सब झेला और यहां खेलने का फैसला किया । कोई और ऐसा नहीं कर सकता था । वह काफी मजबूत है और मुझे गर्व है कि वह मेरा जोड़ीदार है ।’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द