अनंतजीत-परिनाज ने स्कीट मिश्रित टीम में ऐतिहासिक कांस्य जीतकर रचा इतिहास

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अनंतजीत-परिनाज ने स्कीट मिश्रित टीम में ऐतिहासिक कांस्य जीतकर रचा इतिहास

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 02:19 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 02:19 PM IST

(तस्वीरों के साथ) … अजय मसंद …

नागोया, 24 सितंबर (भाषा) अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। यह एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस कांस्य के साथ भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिन में तीन पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस पदक ने भारतीय निशानेबाजी दल को भी कुछ राहत दी क्योंकि इससे पहले दिन में पिस्टल स्पर्धा में एक बार फिर निराशा हाथ लगी। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम का एक भी निशानेबाज फाइनल में जगह नहीं बना सका और टीम स्पर्धा में भी निराशा हाथ लगी। तेज हवा के कारण मुश्किल परिस्थिति में अनंतजीत और परिनाज के लिए इस पदक की अहमियत उसके रंग से कहीं ज्यादा थी। अनंतजीत, भवतेग सिंह गिल और मिराज अहमद खान ने बुधवार को पुरुष टीम स्कीट में कांस्य जीता था। इसके बाद परिनाज, राइजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान की महिला तिकड़ी ने स्कीट में कांस्य पदक अपने नाम किया। अनंतजीत और परिनाज ने यह सुनिश्चित किया कि इन खेलों में स्कीट की तीनों टीम स्पर्धाओं में भारत पदक जीते। इस पदक के लिए दोनों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। दोनों ने क्वालीफिकेशन में 138 अंक हासिल कर चार टीमों के फाइनल में चौथे स्थान के साथ प्रवेश किया। अनंतजीत ने 75 में से 70 और परिनाज ने 68 निशाने साधे। कतर 145 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया 143 और चीन 140 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे। फाइनल शुरू होते ही क्वालीफिकेशन के सारे आंकड़े पीछे छूट गए। क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने वाला कतर सबसे पहले बाहर हुआ। राशेद सालेह और रीमा घनेम अपने शुरुआती 12-12 निशानों में संघर्ष करते रहे। कतर के बाहर होते ही भारत का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया और पदक का रंग बदलने की संभावना भी बनी रही। भारत ने शुरुआत अच्छी की और 24 में से 21 निशाने सही लगाए। चीन 23 के साथ आगे था, जबकि दक्षिण कोरिया के 22 निशाने सही रहे। अगले राउंड में दबाव और बढ़ गया। बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं ने मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। भारत ने इसका अच्छी तरह सामना किया। नरूका की केवल एक चूक के साथ भारत ने 24 में से 23 निशाने सही लगाए और उसका कुल स्कोर 44 हो गया। यह कांस्य पदक के लिए पर्याप्त था, लेकिन स्वर्ण की दौड़ में बने रहने के लिए नहीं। चीन और दक्षिण कोरिया अंतिम राउंड में पहुंचे। चीन ने 52 अंकों के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 51 अंकों के साथ रजत पदक जीता। भारत 44 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। चौबीस वर्षीय परिनाज के लिए यह एशियाई खेलों का दूसरा कांस्य पदक है। उन्होंने बुधवार को महिला टीम स्पर्धा में भी कांस्य जीता था। पटियाला की इस निशानेबाज के लिए यह यादगार प्रदर्शन रहा। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के अवसर को छोड़कर स्कीट निशानेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया था। परिनाज 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला टीम पदक से चूक गई थीं। उन्होंने इस पदक का श्रेय अनंतजीत को देते हुए कहा, ‘‘हम आक्रामक थे। हम बस एक-दूसरे से मुकाबले में बने रहने के लिए कहते रहे। मिश्रित टीम स्पर्धा का मतलब ही यही है।’ जयपुर के 28 वर्षीय अनंतजीत के लिए भी इस कांस्य काफी महत्व है। उन्होंने इससे पहले दिल्ली में विश्व कप फाइनल में कांस्य पदक जीता है और पेरिस ओलंपिक 2024 में महेश्वरी चौहान के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहकर पदक से महज एक स्थान दूर रह गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक सबसे ऊपर है। ओलंपिक में आप चौथे स्थान पर आते हैं, लेकिन अगर आप पोडियम पर नहीं खड़े हैं तो उसका कोई मतलब नहीं रह जाता। हमने आज अच्छा संघर्ष किया और कांस्य पदक जीता।’’ भाषा आनन्द मोनामोना