विश्वास है कि हम फिर से खिताब जीत सकते हैं: आयुष

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विश्वास है कि हम फिर से खिताब जीत सकते हैं: आयुष

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 08:24 PM IST

होर्सेंस (डेनमार्क), एक मई (भाषा) भारत की क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे पर 3-0 की जीत में निर्णायक भूमिका निभाने वाले बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने कहा कि टीम में सभी को विश्वास है कि वे 2022 में खिताब जीतने की उपलब्धि को फिर से दोहरा सकते हैं।

आयुष (20 वर्ष) ने दूसरे एकल मैच में दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप के चैंपियन लिन चुन-यी के खिलाफ 21-16, 21-17 की शानदार जीत दर्ज करके मुक़ाबला अपने नाम कर लिया।

हाल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे आयुष ने बीडब्ल्यूएफ से कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि हम अंत तक जा सकते हैं। हमेशा से ऐसा ही रहा है। हमारी टीम बहुत मजबूत है और हर किसी को विश्वास है कि हम यह कर सकते हैं। ’’

नॉकआउट मुक़ाबले की तुलना ग्रुप चरण से करते हुए आयुष ने माना कि दबाव थोड़ा ज्यादा था, लेकिन उन्होंने कहा, ‘‘कल ग्रुप चरण था, लेकिन आज दबाव थोड़ा ज्यादा था। 2-0 से आगे होने से चीजें थोड़ी आसान हो गईं। मुझे लगता है कि मैं आत्मविश्वास के साथ खेला और मैं टीम के लिए जीत हासिल करके खुश हूं। ’’

यह थॉमस कप में आयुष की पहली भागीदारी है और उन्होंने अब तक अपने सभी मैच जीते हैं। आयुष ने कहा कि उनकी रणनीति आक्रामक बने रहना और अपने प्रतिद्वंद्वी को खेल पर हावी होने का कोई मौका नहीं देना था।

उन्होंने कहा, ‘‘वह ऑल इंग्लैंड चैंपियन हैं और उनका आक्रमण बहुत मजबूत है। योजना यह थी कि ज्यादा आक्रमण किया जाए और उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए जाएं। और मुझे लगता है कि मैंने इसे काफी अच्छे से निभाया। मैं खुश हूं। ’’

पहला एकल मैच खेलते हुए लक्ष्य सेन ने दो मैच प्वाइंट बचाकर दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन पर 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की और टीम के लिए जीत की नींव रखी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह उसकी तरफ़ से सच में एक बहुत अच्छा पहला गेम था। वह कहीं ज्यादा निडर था और मैं थोड़ा असमंजस में था कि हमला करूं या बचाव करूं। ’’

अल्मोड़ा के इस शटलर ने कहा, ‘‘मैं पिछले मैच के बारे में नहीं सोच रहा था, लेकिन टीम स्पर्धा में एक अलग तरह का दबाव होता है। पहले गेम में और यहां तक कि दूसरे गेम की शुरुआत में भी, मैं सोच रहा था कि ‘क्या होगा’। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोच ने मुझसे कहा कि मैं आत्मविश्वास से भरा नहीं दिख रहा था और मैं अपनी रणनीतियों के बारे में बहुत ज्यादा सोच रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि बहुत ज्यादा सोचना बंद करूं और बस अपनी सहज बुद्धि से खेलूं। दूसरे और तीसरे गेम में मैंने यही करने की कोशिश की। ’’

दुनिया के चौथे नंबर खिलाड़ी और एशियाई खेलों के चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भी चिउ शियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे 15 मिनट में 23-21, 19-21, 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सच में चाहते थे कि पहला मैच हमारे पक्ष में हो। ग्रुप चरण में लक्ष्य दो मैच हार गया था। इसलिए वह सच में यह जीतना चाहता था ’’

अपने मैच पर बात करते हुए सात्विक ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें अपने स्ट्रोक्स पर थोड़ा और शांत रहने की जरूरत थी। हम या तो बहुत ज्यादा उत्साहित हो रहे थे या बहुत ज़्यादा घबरा रहे थे। जैसे कुछ प्वाइंट पर हम सही रणनीति के साथ खेल रहे थे, लेकिन उसे ठीक से लागू नहीं कर पा रहे थे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें खुद को शांत करना पड़ा। हमने सोचा कि चलो पूरे कोर्ट का इस्तेमाल करके खेलते हैं। हम बस खुलकर खेलेंगे और देखेंगे कि वे कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। तो, मुझे लगता है कि पूरे मैच के दौरान मैंने यही किया। मुझे लगता है कि दूसरे गेम में भी हमने अपना संयम बनाए रखा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ प्वाइंट इधर-उधर होते तो हम वह गेम भी जीत जाते। लेकिन तीसरे गेम में भी हमने अपना संयम बनाए रखा और हम बस थोड़ा और शांत होकर खेलना चाहते थे और अपनी रणनीति पर टिके रहना चाहते थे। ’’

भाषा नमिता

नमिता