भारतीय महिला हॉकी टीम और ओलंपिक के टिकट के बीच चीन की दीवार
भारतीय महिला हॉकी टीम और ओलंपिक के टिकट के बीच चीन की दीवार
काकामिगाहारा, एक अक्टूबर (भाषा) शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम एशियाई खेलों के महिला हॉकी फाइनल में गत चैम्पियन चीन के खिलाफ शुक्रवार को उतरेगी तो नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करके पुराने कई मलाल मिटाने पर लगी होंगी ।
तोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी भारतीय टीम के लिये सबसे बड़ी प्रेरणा लॉस एंजिलिस में दो साल बाद होने वाले खेलों का सीधे टिकट कटाना है । मौजूदा फॉर्म और विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को देखते हुए यह संभव भी लग रहा है , बस अपेक्षाओं के दबाव से पार पाना होगा ।
भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था ।
उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा ।
लेकिन युवा खिलाड़ियों से सजी कोच शोर्ड मारिन की यह टीम लंबे इंतजार को खत्म करने और दमदार प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त देने का माद्दा रखती है ।
पिछले साल खराब फॉर्म से जूझती दिखी भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये 2026 यादगार रहा है जिसमें एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी की और पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है ।
विश्व कप में भारत ने ग्रुप चरण में दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2 . 2 से ड्रॉ पर रोका था जबकि भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था । पूरे टूर्नामेंट में भारत एकमात्र मैच सह मेजबान नीदरलैंड से 0 . 2 से हारा था ।
इधर चीन को दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान जापान ने निर्धारित 60 मिनट तक गोलरहित बराबरी पर रोका और पेनल्टी शूटआउट में 4 . 2 से जीत दर्ज करके चीन फाइनल में पहुंच सका ।
भारत को भी दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिली और 12 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका । भारत के लिये सेमीफाइनल के 44वें मिनट में इशिका और चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल किया ।
कोच मारिन ने जीत के बाद कहा था ,‘‘ हमारे लिये संयम बनाये रखना जरूरी था और हमने वही किया । चीन बहुत अच्छी टीम है और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है । हमने विश्व कप में उनसे बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन उनके पास काफी अनुभव है ।’’
भारत के लिये गोलकीपर सविता और बिछू देवी ने विश्व कप का शानदार फॉर्म जारी रखा है । भारत ने पेनल्टी कॉर्नर और ओपन प्ले में गोल किये हैं हालांकि कोरिया के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर उतना अच्छा नहीं रहा । दीपिका छह मैचों में 21 गोल कर चुकी है जिनमें से 19 पेनल्टी कॉर्नर पर आये । नवनीत ने दस गोल दागे हैं जिनमें से सात फील्ड गोल हैं ।
चीन के लिये झोंग जियाकी ने नौ जबकि चेन यि और झांग यिंग ने सात सात गोल किये हैं ।
चीन एशियाई खेलों की सबसे कामयाब टीम रही है और 2023 में हांगझोउ खेलों समेत उसने छह खिताब जीते हैं । भारत और चीन के बीच अब तक 28 मुकाबले हुए हैं जिनमें से 12 चीन ने और 11 भारत ने जीते जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे ।
भाषा
मोना सुधीर
सुधीर
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Web Title: भारतीय महिला हॉकी टीम और ओलंपिक के टिकट के बीच चीन की दीवार
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