कंपाउंड तीरंदाजों और निशानेबाजों ने दिलाए सोने के तमगे, भारत का दमदार प्रदर्शन
कंपाउंड तीरंदाजों और निशानेबाजों ने दिलाए सोने के तमगे, भारत का दमदार प्रदर्शन
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह)
नागोया, 30 सितंबर (भाषा) एशियाई खेलों में भारत के अब तक के निराशाजनक अभियान को आखिरकार रफ्तार मिली जब कंपाउंड तीरंदाजों ने सभी टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते, ट्रैप निशोबाजी की जोड़ी नीरू धांडा और काइनन चेनाई ने मिश्रित स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम किया और महिला हॉकी टीम फाइनल में पहुंच गई ।
मौजूदा एशियाई खेलों में यह भारत का अब तक का सबसे सफल दिन बन गया।
मुक्केबाजी रिंग से प्रिया (60 किग्रा) और कपिल (90 किग्रा) के दो कांस्य पदकों और कुश्ती के मैट से सुनील कुमार (87 किग्रा) के एक कांस्य ने कुल पदक संख्या 60 (10 स्वर्ण, 21 रजत और 29 कांस्य) तक पहुंचा दी जिससे मंगलवार के 10वें स्थान से भारत की स्थिति सुधरकर आठवें स्थान पर पहुंच गई।
दिन पूरी तरह से कंपाउंड तीरंदाजों के नाम रहा जिन्होंने पुरुष, महिला और मिश्रित टीम के अपने खिताबों का बचाव किया।
ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप की महिला तिकड़ी ने स्वर्णिम अभियान की शुरुआत की जिसका समापन कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुष टीम का पीला तमगा जीतकर किया।
इनके बीच चिकिता और साहिल ने मिश्रित स्वर्ण पदक जीता और इसके साथ ही देश के लिए ओलंपिक कोटा स्थान भी सुरक्षित किया।
इस तरह भारत 2028 ओलंपिक में कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करने वाला पहला देश बन गया जो लॉस एंजिलिस खेलों में इस स्पर्धा की शुरुआत का गवाह बनेगा।
महिला टीम के लिए यह खिताब का शानदार बचाव था जिसमें उन्होंने सनसनीखेज प्रदर्शन करते हुए चीन की वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई की तिकड़ी को 238-234 से पछाड़ दिया। भारतीय टीम ने इस तरह कुल स्कोर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
चिकिता और साहिल ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते। दोनों ने रोमांचक मिश्रित टीम फाइनल में कोरिया के जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू पर शूट-ऑफ के बाद 158-157 से जीत दर्ज करने के लिए गजब का धैर्य दिखाया।
इसके बाद कुशल, साहिल और गणेश ने वापसी करते हुए फाइनल में चीन की जियाहाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी की तिकड़ी को 238-237 से मात दी।
निशानेबाजी रेंज में व्यक्तिगत वर्ग में खिताब जीतने वाली नीरू धांडा ने काइनन चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जिससे बुधवार को उनका ऐतिहासिक अभियान पूरा हुआ और वह यहां चल रहे एशियाई खेलों में सबसे सफल भारतीय एथलीट बन गईं।
शाम के सत्र में महिला हॉकी टीम अपना जबर्दस्त फॉर्म जारी रखते हुए कोरिया पर 2-0 की जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया जहां उसका सामना मौजूदा चैम्पियन चीन से होगा । पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में ऐतिहासिक पांचवें स्थान पर रही भारतीय टीम एशियाई खेलों में 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने से एक जीत दूर है ।
मुक्केबाजों ने पिछले चरण की कुल संख्या को बेहतर करके पहले ही उम्मीदों को पार कर लिया है। हांग्झोउ में चार पदकों के मुकाबले इस बार छह पदक पक्के हो चुके हैं।
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह पक्की की, लेकिन प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया को सेमीफाइनल में हारने के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
पिछले एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता लवलीना ने 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की मुक्केबाज नतालिया बोगदानोवा पर 3-2 के विभाजित फैसले से जीत हासिल की। बोगदानोवा 70 किलोग्राम में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं।
इससे लवलीना लगातार दो बार एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
प्रिया हालांकि महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू से हार गई और इस तरह से उन्हें कांस्य पदक मिला।
एक अन्य भारतीय मुक्केबाज कपिल भी पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से 1-4 के समान अंतर से हार गए और उन्हें भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
लवलीना के अलावा परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) और अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं और शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में उतरेंगे। सुपर हेवीवेट मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल ने मंगलवार को कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया।
कुश्ती में सुनील कुमार दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के पहले ग्रीको रोमन पहलवान बन गए जिन्होंने पुरुषों के 87 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता जबकि निशा दहिया प्रतियोगिता के पहले ही दिन हारकर बाहर हो गई ।
सुनील ने फिलीपीन के रॉबटर्स कालम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर (9-0) हराकर कांस्य पदक जीता ।
वहीं स्क्वाश में भारतीय पुरुष और महिला टीम ने क्रमशः कुवैत और सिंगापुर को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और अपने लिए पदक पक्के किये। भारतीय महिला टीम बृहस्पतिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग से भिड़ेगी जबकि पुरुष टीम का सामना मलेशिया से होगा।
शीर्ष वरीयता प्राप्त और गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में कुवैत पर 2-0 से जीत हासिल की। महिला वर्ग में अनाहत सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने क्वार्टरफाइनल में सिंगापुर को 2-0 से हराया।
टेनिस स्पर्धा में सुमित नागल ने पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जबकि दक्षिणेश्वर सुरेश तीसरे दौर में हारकर बाहर हो गए।
सातवीं वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 249वें स्थान पर काबिज नागल ने उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को सीधे सेट में 6-3, 6-2 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। अब उनका सामना तीसरी वरीयता प्राप्त चीन के यीबिंग वू से होगा जो विश्व रैंकिंग में 111वें स्थान पर हैं।
दूसरी ओर दक्षिणेश्वर को तीसरे दौर में चीनी ताइपे के छठी वरीयता प्राप्त चुन शिन सेंग के हाथों 3-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।
भारत के पुरुष युगल अभियान को भी झटका लगा जब एन श्रीराम बालाजी और बाएं हाथ के अनिरुद्ध चंद्रशेखर की जोड़ी को चीन के फुमिन चियांग और तियानहुई जियांग के खिलाफ कड़े क्वार्टर फाइनल में 7-6, 6-7, 8-10 से हार मिली।
बाद में युकी भांबरी और दक्षिणेश्वर भी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे के यू ह्सिओउ ह्सू और चेनजुई हो से 6-7, 3-6 से हार गए।
कैनोइंग, ईस्पोर्ट्स, सेपकटकरा और साइकिलिंग में भारत का प्रदर्शन खराब रहा क्योंकि कोई भी प्रतिभागी शुरूआती चरण से आगे नहीं बढ़ सका।
भाषा नमिता मोना
मोना

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